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अनुष्का की इस फिल्म ने पैदा किया एक नया विवाद

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हरित क्रांति और दूध, दही के खाने को लेकर बनी हरियाणा की स्वच्छ छवि फिल्में और धारावाहिक तेजी से बदलने में लगे हैं। इनमें अब लफंगों, हिंसक घटनाओं, ऑनर किलिंग, खाप के हस्ताक्षेप, कन्या भ्रूण हत्या जैसी बुराईयों के लिए बदनाम प्रदेश के तौर पर पेश किया जाने लगा है।
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इस कड़ी में 13 मार्च को रिलीज होने वाली फिल्म नेशनल हाईवे (एनएच-10) भी जुड़ने जा रही है। इसे हरियाणा की संस्कृति पर बड़े आघात के तौर पर देखा जा रहा है।

देश-दुनिया के कॉरपोरेट जगत में साइबर सिटी गुड़गांव की खासी अहमियत है। लेकिन फिल्म एनएच 10 का एक संवाद-जहां से गुड़गांव के मॉल का सिलसिला खत्म होता है वहां बदमाशियों का दौर शुरू हो जाता है...से निश्चय ही इसकी छवि को गहरा झटका लगेगा।
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हरियाणा का चेहरा कुरूप करने की कोशिश

बालिवुड का रुझान हरियाणा के प्रति हमेशा रहा है। यहां की पृष्टभूमि पर अनेक चर्चित फिल्में और धारावाहिक बन चुके हैं। हाल के सालों में गुड़गांव जैसे शहर में शूटिंग का लंबा सिलसिला भी चल निकला है। इसके बावजूद अधिकांश में हरियाणा की नकारात्मकता छवि पेश की जा रही है।

ठीक उसी तरह जैसे पहले फिल्मों में मुसलमानों को ईमानदार और अब गैंगस्टर व आतंकी तथा भोजपुरी भाषी प्रांतों के लोगों को पहले भोला-भाला और अब विलन के तौर पर परोसा जा रहा है।

अब बारी है हरियाणा की। अनुष्का शर्मा की होम प्रोडक्शन में बनी फिल्म एनएच-10 इस कड़ी का एक और कुरूप चेहरा है।
पूरी फिल्म पड़ोसी प्रदेश राजस्थान के जोधपुर में फिल्माई गई है, लेकिन फिल्म की हिंसक घटनाएं गुड़गांव और इससे सटे हरियाणा के जिलों  के नाम पर चस्पा हैं।

लफंगों का गिरोह करता है अपहरण

लगातार आने वाली ऐसी फिल्मों और धारावाहिकों से धूमिल हो रही हरियाणा की छवि को लेकर वरिष्ठ रंगकर्मी संजय भसीन चिंतित हैं। कहते हैं कि प्रदेश में केवल बुराई ही नहीं है। उसे नहीं दिखाना बेईमानी है।

डॉक्यूमेंट्री फिल्मों से जुड़ी तथा चर्चित धारावाहिक फौजी की सहायक निर्देशक अमीना शेरवानी कहती हैं कि बिना अनुसंधान के और पैसे कमाने की खातिर हरियाण का विकृत चेहरा पेश करने का हक बॉलीवुड वालों को कतई नहीं दिया जा सकता।

एनएच 10 का कथा सार: मीरा  (अनुष्का शर्मा)  गुड़गांव में रहती है। वह एक ही कंपनी में काम कने वाले अपने दोस्त अर्जुन (नील भूपलाम) की पार्टी से देर रात लौटती है तो रास्ते में लफंगों का एक गिरोह उसका अपहरण कर लेता है।

उसके बाद ही फिल्म में हिंसा का दौर शुरू होता है। हिंसक दृश्यों से भरी फिल्म की कहानी गुड़गांव, बहादुरगढ़, रोहतक, हिसार, फतेहाबाद, सिरसा के आसपास घूमती है।
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फिल्म के बारे में...

- मुख्य भूमिका में हैं अनुष्का शर्मा और नील भूपलाम
-निर्देशक: नवदीप सिंह
-निर्माता: अनुष्का शर्मा और फैंटम फिल्म्स
-403 किलोमीटर लंबा नेशल हाईवे 10 दिल्ली से शुरू होकर पंजाब के पाकिस्तान की सीमा पर खत्म होता है।
गुड़गांव में फिल्माई गई कुछ चर्चित फिल्में
हंपटी, डंपटी की दुल्हनिया, मटरू की बिजली का मन डोला, पीकू, पीके, खोसला का घोसला, भाग मिलखा भाग, पिपली लाइव, रांझना, लॉली पॉप: पोलिटिकल ड्रामा
-खराब छवि पेश करने वाला धारावाहिक: ना आना इस देस लाडो
-स्वच्छ छवि प्रस्तुत करने वाले धारावाहिक: एफआईआर, अजब, गजब घर जमाईं
-डाक्यूमेंट्री: पारो
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