हाइ स्पीड ट्रेन (सांकेतिक तस्वीर)
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देश की पहली हाई-स्पीड ट्रेन चलाने की दिशा में रेलवे एक कदम और आगे बढ़ा है। भूमि अधिग्रहण को लेकर फंसी पेंच के बीच रेलवे ने कुल 508 किलोमीटर ट्रैक में 237 किलोमीटर ट्रैक निर्माण के डिजाइन के लिए कांट्रैक्ट जारी कर दिया है। वापी-बडोदरा के बीच ट्रैक निर्माण का काम जल्द ही शुरू होगा।
वापी-बडोदरा के साथ ही वडोदरा-अहमदाबाद के बीच 88 किलोमीटर रेल ट्रैक के लिए भी कॉन्ट्रैक्ट आवंटित कर दिया गया है। इस ट्रैक पर आनंद और नाडियाड स्टेशन आएंगे।
रेलवे बोर्ड के सीईओ ने बताया कि हाई स्पीड ट्रैक के लिए भूमि अधिग्रहण का काम फिर से तेज हो गया है। कोरोना को लेकर धीमी रफ्तार थी। उन्होंने बताया कि गुजरात में 82 प्रतिशत भूमि अधिग्रहण का काम पूरा कर लिया गया है। महाराष्ट्र में 22 प्रतिशत भूमि फिलहाल अधिग्रहित की गई है।
यादव ने बताया कि वापी-बडोदरा के बीच कुल 237 किलोमीटर रेल ट्र्रैक के लिए 24 हजार 985 करोड़ रुपया का कांट्रैक्ट दिया गया है। इस रूट पर वापी, सूरत, विलमौर और भरूच रेलवे स्टेशन के 47 प्रतिशत हिस्से में ट्रैक निर्माण हाई स्पीड ट्रेन के लिए होगा।
इसके अलावा इस प्रोजेक्ट के बीच में 24 नदियां और 30 रोड क्रासिंग भी आएंगी। जारी कांट्रैक्ट के तहत 237 किमी दूरी तक हाई स्पीड रेल कोरिडोर को डिजाइन कर उन्हें निर्मित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
अहमदाबाद-मुंबई हाई स्पीड रेल कोरिडोर के अलावा दिल्ली-अमृतसर, दिल्ली-अहमदाबाद, दिल्ली-वाराणसी, वाराणसी-हावड़ा, मुंबई-नागपुर, मुंबई-हैदराबाद और चेन्नई-मैसूर के बीच भी बुलेट ट्रेन चलाने के लिए डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार किया जा रहा है।