राजधानी में उबर कैब सहित ऐप आधारित सभी टैक्सी सेवा पर प्रतिबंध जारी रहेगा और इस निर्णय का उल्लंघन करने वाले वाहनों को जब्त कर लिया जाएगा। दिल्ली सरकार परिवहन विभाग ने हाईकोर्ट को यह जानकारी दी।
हाईकोर्ट ने फैसले पर सख्ती से अमल करने का निर्देश दिया है। परिवहन विभाग व अदालत के रवैये को देख उबर कंपनी ने प्रतिबंध को चुनौती देने वाली याचिका वापस ले ली।
गौरतलब है कि इंद्रलोक में उबर कैब में एक युवती से रेप मामले के बाद सरकार ने उबर सहित अन्य ऐप आधारित कैब कंपनियों पर प्रतिबंध लगा दिया था।
न्यायमूर्ति राजीव शकधर के समक्ष पेश परिवहन विभाग के अधिवक्ता ने बताया कि अदालत ने उबर कंपनी के ज्ञापन पर विचार किया और एक जनवरी को उबर व ओला कंपनी पर प्रतिबंध लगाने के फैसले को बरकरार रखा है। उन्होंने कहा कि विभाग ने तय किया है कि जो भी वाहन उल्लंघन करता पाया जाएगा उसे तुरंत जब्त कर लिया जाएगा।
उबर की तरफ से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव नायर ने विभाग के जवाब पर आपत्ति जताते हुए कहा कि विभाग ने मात्र उनकी मुवक्किल कंपनी पर प्रतिबंध लगाया है और राजधानी में अभी ओला कैब का संचालन जारी है। उन्होंने कहा कि हमारे साथ यह भेदभाव क्यों हो रहा है।
अदालत ने परिवहन विभाग के उपायुक्त से पूछा कि आखिर ओला कैब कैसे चल रही है और उसके खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है। परिवहन उपायुक्त ने कहा कि जो भी वाहन उल्लंघन करते हुए पाया जाएगा उसे तुरंत जब्त किया जाएगा।