प्रदूषण से पड़ रहा प्रभाव
वायु प्रदूषण श्वसन और हृदय प्रणाली को प्रभावित करता है। प्रदूषण के कारण हृदय रोग और उच्च रक्तचाप का खतरा बढ़ जाता है। साथ ही, धूम्रपान, शराब और तंबाकू का सेवन युवाओं में बिगड़ते हृदय स्वास्थ्य का एक महत्वपूर्ण कारण है। प्रदूषण और अत्यधिक तापमान जैसे पर्यावरणीय कारण दिल की सेहत पर नकारात्मक रूप से असर डालते हैं।
असहनीय दर्द होगा महसूस
डॉ. नीरज ने बताया कि हार्टअटैक होने पर व्यक्ति को असहनीय दर्द महसूस होगा। घबराहट, पसीने, उल्टी, जबड़े में दर्द, छाती से पीछे कमर की ओर दर्द जैसे लक्षण मरीज में देखने को मिलते हैं। चलने-फिरने में भी दिक्कत महसूस होती है। ऐसी स्थिति में मरीज को बिना देरी के अस्पताल लेकर जाएं। हार्टअटैक से बचाव के लिए नियमित तौर पर शारीरिक व्यायाम करें। सिगरेट का सेवन न करें। खाने में नमक कम खाएं। यह सब हाइपरटेंशन को बढ़ाने का काम करते हैं। स्वस्थ जीवनशैली का पालन करें।
सोडियम की अधिक मात्रा खतरनाक
डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल के पूर्व कार्डियोलॉजी प्रोफेसर और वर्तमान में एक निजी अस्पताल में कार्डियोलॉजी विभाग में प्रभारी डॉ. तरुण कुमार ने बताया कि प्रोसेस्ड फूड का सेवन नहीं करना चाहिए। इसमें उच्च सोडियम, कैलोरी और फैट होता है। सोडियम की अधिक मात्रा में सेवन से हाइपरटेंशन का स्तर बढ़ेगा, अधिक कैलोरी वजन को और ज्यादा फैट का सेवन कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाएगा। अगर शरीर में इन तीनों का स्तर बढ़ेगा तो हार्ट अटैक का जोखिम बढ़ेगा। दिल को बेहतर और मजबूत रखने के लिए प्रोसेस्ड फूड के सेवन से बचना चाहिए। अगर खाएं तो उससे पहले मात्रा को जरूर पढ़ें।