ग्रेटर नोएडा की निर्माणाधीन साइट के पास से यदि 11 केवी की लाइन गुजर रही हो तो पहले नोएडा पावर कंपनी लिमिटेड (एनपीसीएल) से अनुमति लेना होगा।
बिना अनुमति निर्माण करने पर एनपीसीएल ने कुलेसरा के छह मकान मालिकों को नोटिस भेजा है। बिजली कंपनी ने कहा है कि अनुमति के बिना निर्माण करने पर सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी रेगुलेशन के तहत प्राथमिकी भी दर्ज की जा सकती है।
एनपीसीएल के प्रवक्ता समरजीत मोहंती ने बताया कि मंगलवार को सुथियाना और कुलेसरा का निरीक्षण किया गया था। सुथियाना में ऐसे छह भवन मालिकों को नोटिस जारी किए गए हैं।
नोटिस का जवाब नहीं देने पर प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। उन्होंने बताया कि निर्माण संबंधी कार्य के दौरान बिजली से दुर्घटना होने पर इसके लिए कई बार बिजली कंपनियों को ही जिम्मेदार ठहराया जाता है।
उन्होंने बताया कि शुरुआत में एनपीसीएल के अधीन आनेवाले 115 गांवों में अप्रैल तक ड्राइव चलाया जाएगा। इसके लिए जेई के नेतृत्व में 30 टीमें बनाई गई हैं।