मुंडका अंडरपास के नजदीक दिल्ली पुलिस के हवलदार योगेंद्र माथुर (30) ने ट्रेन के सामने छलांग लगाकर जान दे दी। हवलदार की कार घटनास्थल से कुछ दूरी पर मिली है। उसके पास से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।
पुलिस के अनुसार, कराला गांव निवासी योगेंद्र माथुर वर्ष 2013 में दिल्ली पुलिस में भर्ती हुआ था। परिवार में पिता जयप्रकाश माथुर, पत्नी और एक बच्चा हैं। वह दिल्ली ट्रैफिक पुलिस कंट्रोल रूम में तैनात था।
रविवार सुबह पुलिस को ट्रैक पर एक व्यक्ति के ट्रेन की चपेट में आने की सूचना मिली। इस पर मुंडका, कंझावला, प्रेम नगर और सराय रोहिल्ला रेलवे थाने की पुलिस पहुंच गई। जांच रेलवे पुलिस ने की।
पुलिस के मुताबिक, आशंका है कि योगेंद्र ने कार खड़ी करने के बाद ट्रेन के सामने छलांग लगाकर जान दी है। वह काफी दिन से मेडिकल छुट्टी पर था। दो दिन पहले ही ड्यूटी पर लौटा था। रात में ड्यूटी के बाद वह सुबह घर लौट रहा था।
ड्रोन उड़ा रहे तीन युवकों को दबोचा
दिल्ली पुलिस की पीसीआर वैन में तैनात पुलिसकर्मियों ने ड्रोन उड़ाते हुए तीन युवकों को पकड़कर चितरंजन पार्क थाना पुलिस को सौंप दिया है। उनके खिलाफ सरकारी आदेश के उल्लंघन का मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस उपायुक्त शरत कुमार सिन्हा ने बताया कि ग्रेटर कैलाश स्थित सावित्री सिनेमा के पास मौजूद पीसीआर कर्मियों ने ई ब्लॉक के पास एक ड्रोन उड़ते देखा। हवलदार देवेंद्र और मोहित ने सूचना पुलिस कंट्रोल रूम को दी और इसे उड़ाने वाले की तलाश में जुट गए।
ग्रेटर कैलाश पार्ट-2 स्थित एक मकान से रिमोट के जरिये ड्रोन उड़ा रहे कालकाजी निवासी ऋषभ (22), मोहित (23) और ग्रेटर कैलाश निवासी प्रयास (22) को पकड़ा गया। इनके पास से ड्रोन और रिमोट को कब्जे में लिया गया।