सरकार की ओर से जरूरी चीजों की कीमतों में की गई बढ़ोतरी के खिलाफ दिल्ली कांग्रेस दस बाद एक बार फिर से जंतर-मंतर पर पहुंची है।
सोमवार सुबह से ही जंतर-मंतर पर कांग्रेसी कार्यकर्ताओं समेत भारी संख्या में समर्थकों का मजमा लगने लगा था। दोपहर होते-होते भारी प्रदर्शन के साथ नारेबाजी भी शुरू हो गई।
फिलहाल दिल्ली पुलिस ने मौके पर पहुंच कर स्थिति पर नजर रखे हुए है। बीच-बीच में पुलिस से समर्थकों की छिट-पुट झड़प की भी खबरें हैं।
कांग्रेस नेता याद करते हैं वो जमाना!
दिल्ली में 1993 से 1998 तक भाजपा सरकार रही। 2004 तक केंद्र में एनडीए के शासनकाल में भी कांग्रेस ने खूब प्रदर्शन किए।
1998 में जब दिल्ली में कांग्रेस की सरकार आई तो प्रदर्शन बंद हो गए लेकिन उस समय के युवक कांग्रेस अध्यक्ष रणदीप सिंह सुरजेवाला की अगुवाई में जंतर-मंतर पर कई प्रदर्शन हुए, जो कांग्रेस नेताओं को याद हैं। उसके बाद सब थम गया।
प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष ओनिका मेहरोत्रा कहती हैं कि महंगाई ने बुरा हाल कर दिया है। वहीं, कांग्रेस के एक पदाधिकारी ने कहा कि विधायक, पार्षद व हारे हुए प्रत्याशियों केजिम्मे अधिक बसें हैं। हंगामेदार प्रदर्शन होगा।
समर्थन में पहुंचे थे कांग्रेसी
कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गांधी जंतर-मंतर पर पूर्वोत्तर के छात्र नीडो तानिया की हत्या के विरोध में हुए प्रदर्शन में पहुंचे थे।
इससे पहले 16 दिसंबर गैंगरेप की घटना के बाद शीला दीक्षित प्रदर्शनकारियों के बीच जंतर-मंतर पर पहुंची थी। इतना ही नहीं कांग्रेस के तमाम प्रदेश नेता आम आदमी पार्टी सरकार के कार्यकाल में अनुबंधित कर्मचारियों के प्रदर्शन में जंतर-मंतर पहुंचे थे।