दिल्ली विधानसभा चुनाव की सियासी जंग में कांग्रेस ने पूर्व छात्रसंघ और यूथ कांग्रेस के कई नेताओं को उतारा है। पिछले चुनाव में एक भी सीट नहीं मिलने के कारण इस बार कांग्रेस फूंक-फूंककर कदम रख रही है, ताकि पार्टी की स्थिति सुधर सके।
कांग्रेस ने रणनीति बदलते हुए पूर्व छात्र, पार्टी के युवा कार्यकर्ताओं और नेताओं को किस्मत आजमाने का मौका दिया है। तत्कालीन डूसू अध्यक्षा और चांदनी चौक से विधायक अलका लांबा, मालवीय नगर से पूर्व डूसू नेता नीतू वर्मा और राजेंद्र नगर विधानसभा सीट से डूसू के पूर्व अध्यक्ष रॉकी तुसीद, आकांक्षा ओला और राधिका खेड़ा भी अलग-अलग विंग में पदाधिकारी रह चुके हैं।
चुनावी मुद्दों पर अपनी लड़ाई लड़ रही कांग्रेस ने इस बार कई नए चेहरों को जगह दी है। इनमें कोई भी पैराशूट उम्मीदवार नहीं है बल्कि दिल्ली विश्वविद्यालय समेत पूर्व में नेतृत्व से जुड़े रहने वालों को ही प्रत्याशी बनने का मौका दिया गया है।
कांग्रेस के सबसे कम उम्र के प्रत्याशी हैं रॉकी तुसीद
राजेंद्र नगर क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी रॉकी तुसीद इस विधानसभा चुनाव में सबसे कम उम्र के प्रत्याशी हैं। छात्र राजनीति से प्रदेश की राजनीति में कदम रखने वाले रॉकी के पास कुल 55000 रुपये की चल संपत्ति है, लेकिन उनके नाम अब तक कोई भी वाहन नहीं है।
नामांकन के लिए दिए गए शपथ पत्र में तुसीद ने खुद को समाजसेवी बताते हुए संपत्ति का भी ब्यौरा पेश किया है। सबसे कम उम्र के प्रत्याशी पर कोई भी आपराधिक मामला लंबित नहीं है, जबकि अचल संपत्ति के नाम पर कुछ भी नहीं है।
तुसीद 2017 में दिल्ली यूनिवर्सिटी में डूसू के अध्यक्ष रह चुके हैं। इससे पहले सितंबर 2017 में भी तुसीद ने नामांकन दाखिल किया था। विश्वविद्यालय में छात्र के साथ हुई मारपीट मामले में अनुशासनात्मक कार्रवाई का ब्यौरा नहीं दिए जाने पर बाद में हाईकोर्ट के आदेश पर उम्मीदवारी मिली थी।