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राजौरी गार्डन उपचुनाव में हारकर भी जीती कांग्रेस, इन आंकड़ों से समझिए कैसे?

Fri, 14 Apr 2017 09:46 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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Sonia Gandhi- Rahul Gandhi
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राजौरी गार्डन उपचुनाव में कांग्रेस बेशक हारी लेकिन हार में भी कांग्रेस नेता जीत देख रहे हैं। पिछले तीन चुनाव में सबसे अधिक 33.23 फीसदी वोट मिले जो 2015 के मुकाबले 21 फीसदी और 2013 के मुकाबले तीन फीसदी अधिक है। महज दो साल में इतना बड़ा वोट बैंक पार्टी में वापस लौटने को एमसीडी चुनाव के लिए कांग्रेस नेता शुभ संकेत मान रहे हैं। 
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कांग्रेस ने राजौरी गार्डन सीट पर 2008 से लेकर अभी तक हर बार चंदेला परिवार को चुनाव मैदान में उतारा है। यहां से 2008 का चुनाव दयानंद चंदेला ने 37.58 फसदी वोट लेकर शिरोमणि अकाली दल के प्रत्याशी अवतार सिंह हित को हराकर सीट जीती थी। 

कांग्रेस ने 2013 में कुछ कानूनी कारण से दयानंद चंदेला को टिकट नहीं दिया लेकिन उनकी पत्नी धनवती चंदेला को उतारा। धनवती को इस चुनाव में 30 फीसदी (30713) वोट मिले लेकिन शिरोमणि अकाली दल प्रत्याशी मनजिंदर सिंह सिरसा 41 फीसदी वोट लेकर चुनाव जीत गए, आप प्रत्याशी को 16.7 फीसदी वोट मिले। 
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साल 2015 में मिले थे 12 फीसदी वोट

Sonia Gandhi- Rahul Gandhi
कांग्रेस ने 2015 के चुनाव में दयानंद चंदेला की पुत्रवधू मीनाक्षी चंदेला को उतारा जिसे महज 12 फीसदी 14167 वोट मिले और आप प्रत्याशी 46 फीसदी वोट लेकर चुनाव जीत गए। मनजिंदर सिंह सिरसा को 38 फसदी वोट मिले। ऐसे में कांग्रेस महज दो साल में बड़ी सुधार के साथ 12 फीसदी से 33 फीसदी वोट तक पहुंची। 

कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता का कहना है राजौरी गार्डन चुनाव परिणाम का एमसीडी चुनाव प्रचार में एक हथियार के तौर पर इस्तेमाल होगा। मतदाताओं को पार्टी यह संदेश देगी की दिल्ली में जिस पार्टी को जनता ने 67 सीट दिया था, उसकी जमानत जब्त हो गई। मुकाबला सीधे तौर पर कांग्रेस और भाजपा का है। वोट बर्बाद न करें।
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