कांग्रेस पार्टी के ही एक अन्य गुट जिसमें पूर्व विधायक नसीब सिंह, आसिफ मोहम्मद, ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के सदस्य हरिशंकर गुप्ता, ब्रहम यादव ने राहुल गांधी को एक पत्र लिखा है। पत्र में शीला दीक्षित पर आरोप मढ़ा गया है। नसीब सिंह का कहना है कि जब शीला दीक्षित पिछले 12 दिनों से अस्पताल में दाखिल है तो यह समझ से परे है कि ऑब्जर्वरों की नियुक्ति कौन कर रहा है।
शीला दीक्षित के करीबी अपनी मनमानी कर रहे है। इस पूरे मामले की जानकारी प्रदेश प्रभारी पीसी चाको को दी जाएगी। ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के सहमति के बगैर ब्लॉक अध्यक्ष की कमेटी को भंग करना कही से जायज नहीं है। पत्र की कॉपी ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के महासचिव केसी वेणुगोपाल व प्रदेश प्रभारी पीसी चाको को भी भेजी गई है।
उधर, प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्षों ने भी शीला दीक्षित के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। हारून युसूफ का कहना है कि अस्पताल में उन्होंने शीला दीक्षित से मुलाकात की, लेकिन उन्होंने ऑब्जवरों को लेकर किसी भी जानकारी देने से इंकार किया। आलाकमान को इस बाबत अवगत कराया जाएगा कि अगर संगठन में बाहरी लोगों को निर्णय लेने से नहीं रोका गया तो अगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी को नुकसान उठाना पड़ेगा। तीनों कार्यकारी अध्यक्षों ने शीला दीक्षित को पत्र लिखकर यह भी जानकारी दी है कि बिना उनके सहमति के ऑब्जर्वरों की नियुक्ति कर दी गई है।