कांग्रेस को मेवात के फिरोजपुर झिरका सीट से उम्मीदवार घोषित करने के बाद भारी विरोध का सामना करना पड़ सकता है। बुधवार को यहां मुख्यमंत्री की रैली के दौरान जिस तरह का नजारा रहा, उससे यह स्पष्ट हो गया है।
इस सीट से कांग्रेस के दो प्रबल दावेदारों ने रैली में खुलकर शक्ति प्रदर्शन किया। कई बार ऐसी स्थिति पैदा हो गई कि पुलिस बीच-बचाव नहीं करती तो मार-पीट की नौबत आ जाती।
मेवात में तीन विधानसभा क्षेत्रों में कांग्रेस की टिकट को लेकर सर्वाधिक मारा-मारी फिरोजपुर झिरका सीट पर है।
दो दावेदारों के बीच है कड़ी टक्कर
फिरोजपुर झिरका सीट पर टिकट के लिए 10 लोगों ने आवेदन किए हैं लेकिन इनमें भी दो मम्मन खान और आजाद मोहम्मद को टिकट का प्रबल दावेदार माना जाता है।
आजाद मोहम्मद फिरोजपुर झिरकार से विधायक रह चुके हैं और मम्मन खान ने पिछला विधानसभा चुनाव इस यहां से कांग्रेस की टिकट पर लड़ा था। दोनों की नेताओं की मुख्यमंत्री से खासी नजदीकियां हैं। कई मामलों में भूपेंद्र सिंह हुड्डा की ओर से दोनों को समय-समय पर शह भी मिलते रहे हैं।
कुछ दिनों पहले आजाद मोहम्मद को गुड़गांव का ऑब्जर्वर बनाया गया था। इसी तरह मम्मन चुनाव घोषणा पत्र कमेटी में सदस्य के रूप में शामिल किए गए हैं। ऐसी सूरत में टिकट को लेकर इनमें से कोई भी अपने कदम पीछे हटाने को तैयार नहीं।
दोनों दावेदारों ने जमकर बवाल काटा
अमर उजाला से बातचीत में मम्मन कहते हैं कि टिकट की उनकी पहली दावेदारी बनती है। कोई उनका हक नहीं छीन सकता। कुछ इसी तरह की भाषा आजाद मोहम्मद की भी है।
बुधवार को फिरोजुर झिरका में आयोजित कांग्रेस की रैली में मुख्यमंत्री के आने से पहले और उनकी मौजूदगी में टिकट के दोनों दावेदारों ने जमकर बवाल काटा। उनके बीच कई बार हाथापाई की नौबत आई। जिसके कारण पुलिस को बीच-बचाव करना पड़ा।
मंच से आजाद और मम्मन के समथर्कों ने अपने विरोधी नेताओं को बोलने नहीं दिया। इस दौरान खूब हूटिंग की गई। मुख्यमंत्री की मौजूदगी में नौबत यहां तक पहुंच गई कि परिवहन मंत्री आफताब अहमद और प्रो विरेद्र सिंह को मंच से उन्हें शांत रहने की कई बार अपील करनी पड़ी।