फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भाजपा और AAP की लड़ाई के बीच फंसी कांग्रेस!

विज्ञापन
विज्ञापन
कांग्रेस में जनता के बीच पहुंच बढ़ाने को लेकर हलचल तेज हो गई है। धरना-प्रदर्शन करके अपनी शक्ति दिखाने वाले कांग्रेस नेताओं पर नजर रखने और जिला व ब्लॉक कमेटी अध्यक्ष बनाने के लिए रिपोर्ट तैयार करने को जिलास्तर पर तीन पर्यवेक्षकों की टीम बनाई गई है।
विज्ञापन


इससे यह साफ हो गया है कि जुलाई के पहले सप्ताह तक बनने वाली कमेटियां सितंबर से पहले नहीं बन पाएंगी। वहीं, प्रदेश कांग्रेस ने एक बार फिर कहा है कि पार्टी किसी को भी सरकार बनाने के लिए समर्थन नहीं देगी।

प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता मुकेश शर्मा का कहना है कि विधानसभा चुनाव की तैयारी पार्टी ने तेज कर दी है। पार्टी किसी भी दल को समर्थन नहीं देगी।
Trending Videos

जोश के साथ दोबारा सक्रिय हुई कांग्रेस

वहीं, प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष अरविंदर सिंह ने कहा कि दिल्ली में जिले व ब्लॉक स्तर पर संगठन को मजबूत बनाने के लिए 14 जिलों में पर्यवेक्षक की नियुक्ति की गई है। प्रत्येक जिले में तीन पर्यवेक्षकों की टीम बनाई गई है, जिसमें एक संयोजक व दो सदस्य हैं।

पर्यवेक्षक अपने-अपने जिले के कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं से बात करेंगे और सुझाव मांगेंगे। वो सुझाव व रिपोर्ट प्रदेश कार्यालय को देंगे, जिसके बाद कार्यकारिणी बनाई जाएगी।

प्रदेश कांग्रेस प्रभारी डॉ. शकील अहमद व कुलजीत नागरा की तरफ से सभी नेताओं को धरना-प्रदर्शन करके शक्ति दिखाने का संदेश दिए जाने के बाद प्रदर्शनों में तेजी आ गई है।
विज्ञापन

‘कांग्रेस विधायकों को खरीदने की तैयारी’

आदर्श नगर में चतर सिंह, चांदनी चौक में डॉ. योगानंद शास्त्री, करावल नगर में डॉ. नरेंद्रनाथ, बाबरपुर में विजय सिंह लोचव, पटपड़गंज में अंजली राय, कृष्णा नगर में महाबल मिश्रा, करोल बाग में तरविंदर सिंह मारवाह, नई दिल्ली में फरहाद सूरी, रोहिणी में सुरेश मलिक, किराड़ी में जगप्रवेश कुमार, तिलक नगर में अनिल भारद्वाज, नजफगढ़ में रमाकांत गोस्वामी, महरौली में प्रो. किरण वालिया और बदरपुर में सुरेंद्र कुमार को पर्यवेक्षक बनाया गया है।

वहीं, आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली में सरकार बनाने के लिए पर्दे की पीछे चल रही गतिविधियों का खुलासा किया है। केजरीवाल का आरोप है कि आप के विधायकों को खरीदने में नाकाम रही भाजपा की नजर अब कांग्रेस विधायकों पर है।

ट्विटर पर केजरीवाल ने लिखा है कि छह कांग्रेसी विधायकों को तोड़ने की कोशिश चल रही है। प्रत्येक की कीमत 20 करोड़ रुपये है। साथ ही दो को मंत्री और चार को चेयरमैन बनाने का प्रलोभन दिया गया है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें