कांग्रेस ने अपने हरियाणा के सांसद वीरेंद्र सिंह को पार्टी की कार्यसमिति से हटा दिया है। हाल ही में उनके भाजपा में शामिल होने की खबरें आई थीं।
कांग्रेस ने वीरेंद्र सिंह से मसले पर स्पष्टीकरण भी तलब किया है। पार्टी उन्हें यह साफ करने को कहा है कि उन्होंने भाजपा से संपर्क क्यों साधा? साथ उन कारणों को भी बताने को कहा, जिसकी वजह से वह पार्टी से बगावत कर रहे हैं।
गौरतलब है कि हाल ही वीरेंद्र सिंह के भाजपा में शामिल होने की चर्चाएं जोरों पर थीं। पिछले दिनों भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से उनककी मुलकात को भी उसी से जोड़कर देखा जा रहा है।
हरियाणा के कद्दावर नेता हैं वीरेंद्र सिंह
हरियाणा में आगामी अक्तूबर में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। मोदी लहर होने के बावजूद यहां भाजपा की हालत खराब है। प्रदेश में पार्टी के पास कोई बड़ा चेहरा भी नहीं, जिसके दम पर ताल ठोंकी जा सके।
दरअसल, भाजपा हरियाणा में एक जाना-पहचाना चेहरा ढूंढ रही है। जबकि प्रदेश कांग्रेस दिग्गज नेता वीरेंद्र सिंह अपनी पार्टी से नाराज हैं। ऐसे में दोनों में मेल होने की उम्मीद है।
लेकिन कांग्रेस ने अब वीरेंद्र सिंह पर नकेल शुरू कर दी है। शुक्रवार उन्हें केवल पार्टी की कार्यकारिणी से बाहर कर दिया गया। हालांकि वह अभी राज्यसभा सदस्य हैं।
शकील अहमद ने लिखा लेटर
वीरेंद्र सिंह को कांग्रेस के हरियाणा मामलों के प्रभारी एआईसीसी महासचिव शकील अहमद ने एक लेटर लिखा है। जिसमें उन्होंने वीरेंद्र सिंह को शाह व अन्य भाजपा नेताओं के साथ नजदीकियों की ओर ध्यनाकर्षण कराते हुए जवाब मांगा है।
उधर, मामले में मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि एक उनकी पार्टी में लोकतंत्रात्म व्यवस्था है। इसमें किसी को भी पार्टी से जुड़ने व छोड़ने का फैसला उसे खुद लेना होता है।
वहीं, भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता कैप्टन अभिमन्यु ने कहा कि कांग्रेस पार्टी की कार्यप्रणाली में दोष के चलते उसके वरिष्ठ नेता पार्टी छोड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को इस पर आत्ममंथन करना चाहिए।