लोकसभा चुनाव में वोट के लिए नेता दूसरी पार्टी के प्रत्याशी से भिड़ेंगे, लेकिन उससे पहले टिकट के लिए अपनों से जंग शुरू हो गई है। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के प्राइमरीज सिस्टम से उम्मीदवारों के चयन को लेकर कई कांग्रेसी नेता अब एक दूसरे के आमने सामने आ गए हैं।
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कांग्रेस ने दिल्ली की जिन दो सीट पर प्राइमरीज सीस्टम (रायशुमारी) से प्रत्याशी चयन घोषित किया है, उसमें उत्तर पूर्वी दिल्ली में वोटिंग होगी। इससे पूर्व एक मार्च को नई दिल्ली सीट के लिए निर्विरोध चयन अजय माकन का हो चुका है। उत्तर पूर्वी दिल्ली से दावेदारी ठोकने की अंतिम तारीख 4 मार्च को शाम 4 बजे तक थी।
इसमें कई दिग्गज नेताओं ने एक दूसरे के खिलाफ ताल ठोंक दी है। 6 मार्च को पार्टी मतदाताओं की सूची फाइनल होगी और 11 मार्च को पार्टी मतदाताओं के सामने नेता अपना विजन रखेंगे।
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तीन दिग्गज नेताओं के बीच होगी टक्कर
उत्तर पूर्वी दिल्ली की प्राइमरीज प्रक्रिया से जुड़े नेताओं ने बताया कि वर्तमान सांसद जेपी अग्रवाल के अलावा पूर्व सांसद जगदीश टाइटलर और पूर्व युवक कांग्रेस अध्यक्ष व पूर्व विधायक विधायक राजेश लिलोठिया ने भी नामांकन दाखिल किया है।
सांसद जेपी अग्रवाल दोपहर करीब 12 बजे प्रदेश कांग्रेस दफ्तर में नामांकन करने पहुंचे। उनके साथ विधायक चौधरी मतीन अहमद, पूर्व विधायक बलजोर सिंह, भीष्म शर्मा, वीर सिंह धींगान के अलावा कई हारे-जीते पार्षद भी शामिल थे। वहीं करीब तीन बजे नामांकन दाखिल करने पहुंचे पूर्व सांसद जगदीश टाइटलर के साथ पूर्व विधायक विनय शर्मा व जिले सिंह चौहान के अलावा कोई बड़ा चेहरा नहीं था। हालांकि कुछ सिख समर्थक जरूर साथ में थे।
नामांकन प्रक्रिया खत्म होने के अंतिम समय में प्रदेश युवक कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष व पूर्व एमएलए राजेश लिलोठिया भी पहुंचे। उनके साथ समर्थकों की भीड़ अधिक नहीं थी। लेकिन नामांकन करने के बाद राजेश लिलोठिया ने दावा किया कि प्राइमरीज प्रक्रिया में वह जीतेंगे।
आम चुनावों जैसे होंगे हालात
अभी तक पार्टी पदाधिकारी, चुने हुए प्रतिनिधि समेत 316 नाम चुनाव के लिए बनी मतदाता सूची में शामिल हुए हैं। हालांकि 6 मार्च तक सूची को अंतिम रूप दिया जाएगा। ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि करीब साढ़े तीन सौ पार्टी के मतदाता किसी एक को टिकट के लिए 11 मार्च को चुनकर भेजेंगे।
चुनाव के दौरान सभी नियम कानून फॉलो किया जाएगा। 6 मार्च को पार्टी मतदाताओं की सूची फाइनल होगी और 11 मार्च को पार्टी मतदाताओं के सामने नेता अपना विजन रखेंगे।
उसके बाद विधिवत वोटिंग कराई जाएगी और फिर काउंटिंग भी पूरी सुरक्षा के साथ होगी। तब जाकर किसी का नाम फाइनल किया जाएगा।
क्या कहते हैं आपस में टकराने वाले कांग्रेसी नेता
सांसद जेपी अग्रवाल का कहना है कि मैंने काम किया है। कार्यकर्ताओं का समर्थन मेरे साथ है। कितने वोटर मेरे साथ आए हैं, आप देख सकते हैं। फिर पार्टी के जो वोटर इस प्रक्रिया में वोट करेंगे, उनका मैने कभी दिल नहीं दुखाया है। जहां तक अन्य लोगों के नामांकन करने की बात है कि लोकतंत्र है, पार्टी के प्रत्येक व्यक्ति को दावेदारी करने का अधिकार है।
वहीं पूर्व सांसद जगदीश टाइटलर का कहना है कि मैंने भी पार्टी की 35 साल सेवा की है। पिछले लोकसभा चुनाव में मैने नामांकन इसलिए वापस लिया था क्योंकि एक जजमेंट पर खूब हल्ला मचा। अब मुझ पर 1984 दंगा से संबंधित कोई दाग नहीं है। सीबीआई ने भी दो बार कोर्ट में सब कुछ साफ कर दिया है। फिर कार्यकर्ताओं ने मुझे उतारा है। उनका कहना है कि राहुल गांधी ने कार्यकर्ताओं को ताकत दी है, जिताएंगे।
जबकि पूर्व एमएलए और यूथ कांग्रेस अध्यक्ष राजेश लिलोठिया ने कहा कि राहुल गांधी ने प्राइमरी प्रक्रिया से कार्यकर्ताओं को नेता चुनने का अवसर दिया है। मुझे लगता है कि युवा होने के साथ-साथ मेरे पास युवक कांग्रेस, दो बार विधायक रहने का अनुभव है। इसलिए कार्यकर्ता मुझे मौका देंगे। मुझे लगता है साढ़े तीन सौ में ढाई सौ वोट मुझे मिलेंगे।
पूर्व सांसद जगदीश टाइटलर का कहना है कि कड़कड़डूमा कोर्ट में सीबीआई 2007 और 2009 में क्लोजर रिपोर्ट पेश कर चुकी है। उसमें मेरे खिलाफ कोई सबूत नहीं है और न ही उन घटनाओं के दौरान मेरी मौजूदगी साबित हुई है। जो पिछले आदेश के खिलाफ फिर कोर्ट में मामला गया है उसे हाईकोर्ट में चुनौती दी है। उस मामले की तारीख 17 अप्रैल को निर्धारित है।
जहां पार्टी पदाधिकारियों को वोटर बनाए जाने के कारण जेपी अग्रवाल का पलड़ा भारी माना रहा है, वहीं जगदीश टाइटलर भी कार्यकर्ताओं का दंभ भर रहे हैं। प्रत्येक विधानसभा से दो पार्टी वोटर को प्रस्तावक बनाया जाना था, जबकि जेपी अग्रवाल ने 20 की जगह 35 बनाए हैं। जगदीश टाइटलर ने करीब 30 प्रस्तावक दिये हैं तो राजेश लिलोठिया ने 20 बनाए हैं।