लड़की बने आईएसआई एजेंट ने सैक्स चैट के जरिये मारवाह को जाल में फंसा लिया। करीब 10 दिन चली बातचीत के दौरान एजेंट ने अंतरंग बातों से कैप्टन को पूरी तरह फंसाकर उनसे कई गोपनीय दस्तावेज की मांग की। मारवाह ने कुछ गोपनीय दस्तावेज उस एजेंट को मुहैया करा दिए।
कुछ सप्ताह बाद एयरफोर्स के एक वरिष्ठ अधिकारी को मारवाह की इस हरकत के बारे में जानकारी मिली। अधिकारी ने उन पर एक आंतरिक जांच बैठा दी। जांच के दौरान अरुण मारवाह की जासूसी में संलिप्तता पाए जाने के बाद एयरफोर्स के वरिष्ठ अधिकारी ने दिल्ली के पुलिस आयुक्त अमूल्य पटनायक से इसकी शिकायत की।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने बृहस्पतिवार को उन्हें गिरफ्तार कर लिया। गौरतलब है कि भारतीय सेना के किसी अफसर को खुफिया एजेंसी के हनी ट्रैप में फंसाने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी साल 2015 में रंजीत केके नाम के एक एयरमैन को जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया जा चुका है।