सुनवाई में कुछ ग्रामीण भी मौजूद थे। इनका कहना था कि गांव के लोगों के लिए गोदाम और वेयरहाउस रोजी-रोटी का जरिया हैं। गांवों में कई बाजार बन गए हैं। उन्हें हटाना हजारों परिवारों को भूखा रखने जैसा है। उन्होंने मांग की कि संशोधन में केवल भविष्य को लेकर ही निर्णय लिया जाए।
सोमनाथ ने डीडीए पर जड़े आरोप
जनसुनवाई के दौरान दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया सहित आप के अन्य विधायकों की गैरमौजूदगी पर सवाल खड़े हुए तो आप विधायक सोमनाथ भारती ने डीडीए पर आरोप जड़ा कि उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं दी गई थी। यह सब अधिकारियों और नेताओं की मिलीभगत है।
इस पर नेता प्रतिपक्ष बिजेंद्र गुप्ता ने भारती पर पलटवार किया कि पूरी दिल्ली सीलिंग से परेशान है, वहीं, आप के नेता हवाबाजी करने में लगे हैं। जनसुनवाई में न आना जनता के प्रति गैरजिम्मेदार व्यवहार का परिचायक है।
बताया जा रहा है कि सुनवाई में केवल तीन ही जनप्रतिनिधि थे। आपत्ति और सुझाव 37 जनप्रतिनिधियों ने भेजे थे। इनमें विधायक सोमनाथ भारती, करतार सिंह तंवर और पूर्व विधायक सरिता सिंह थीं। डीडीए का कहना है कि नेताओं रे आरोप गलत हैं। जिन लोगों ने संशोधन पर आपत्ति या सुझाव दिए थेस उन्हें ईमेल और एसएमएस के जरिये सूचना दी थी। उन्हें जनसुनवाई के बारे में भी बताया था।
आज भी होगी सुनवाई, हंगामे के आसार
डीडीए के अनुसार, शनिवार को दूसरे चरण की जनसुनवाई की जाएगी। इसमें बाकी बचे सभी आपत्ति और सुझाव देने वालों को बुलाया गया है। अधिकारियों की मानें तो सुनवाई में हंगामा हो सकता है। इस वजह से आशंका है कि रविवार को भी सुनवाई के लिए लोगों को बुलाना पड़ेगा। वहीं, सोमवार को विधायकों के लिए अलग सुनवाई रखी गई है।
वीडियो बनाने पर भड़का बोर्ड
सूत्रों का कहना है कि जनसुनवाई के दौरान वीडियो बनाए जाने पर डीडीए के बोर्ड ने नाराजगी जताई। एक अधिकारी ने बताया कि दोपहर बाद सुनवाई में इंडिया अगेंस्ट करप्शन के राष्ट्रीय संयोजक सरबजीत रॉय अपने फोन से वीडियो बना रहे थे। बोर्ड ने इस पर सवाल खड़े किए, लेकिन वह नहीं माने तो उन्हें बाहर कर दिया गया। हालांकि इस पर सरबजीत का पक्ष पता नहीं चल सका।