नगर निगम के कर्मचारी अब गोपनीय फाइलों को बाहर नहीं ले जा सकेंगे। क्योंकि अब सभी विभागों में लगे कंप्यूटर सिस्टम को बायोमेट्रिक सिस्टम से जोडने की योजना बनाई गई है।
इस योजना के तहत जो भी कर्मचारी कम्प्यूटर चलाएगा उसे पहले अपनी उंगलियों के निशान देने पड़ेंगे। अगर उंगलियों के निशान कर्मचारी के निशान से मैच कर जाएगा तभी कंप्यूटर लॉग इन होगा। यह जानकारी आईटी सेल के इंचार्ज बीके कर्दम ने दी।
उन्होंने बताया कि इस तकनीक को नए साल में सभी कम्प्यूटर पर लगा दिया जाएगा। इसके अलावा कर्मचारियों की बायोमेट्रिक हाजिरी के लिए भी निगम ने 150 मशीनों के ऑर्डर सरकार के पास भेज दिया है।
उन्होंने बताया कि निगम ने हाल ही में राज्य सरकार द्वारा नियुक्त प्राइवेट एंजेसी को 150 बायोमेट्रिक अटेंडेस सिस्टम की मांग भेजी है। जो अलग अलग सेंटर पर लगाए जाएंगे। आने वाले दिनों में सभी कर्मचारी उंगलियों के निशान से ही हाजिरी लगाएंगे।
वहीं दूसरी तरफ निगम अपने कम्प्यूटर का सारा डाटा सुरक्षित रखने की भी योजना है। जिसमें एनआईटी, ओल्ड और बल्लभगढ़ में लगे सभी कम्प्यूटर को बायोमेट्रिक सिस्टम से जोड़ा जाएगा।
उन्होंने कहा कि कम्प्यूटर में निगम के जरूरी जानकारियां होती हैं। जो किसी भी वक्त कर्मचारी पैनड्राइव आदि के जरिए उसे बाहर भी ले जा सकता है। इसलिए इस चोरी को रोकने के लिए कम्प्यूटर में बायोमैट्रिक सिस्टम लगाया जाएगा।