बसों के अंदर और स्टॉप पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करवा रहे मार्शल यात्रियों को सहूलियत मुहैया करवाने में जुटे हैं। बावजूद इसके अगर बस में यात्रियों की संख्या 20 से अधिक होती है तो कंडक्टर पर दो हजार रुपये तक का जुर्माना भी किया जा रहा है।
कोरोना संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए खुद की परवाह किए बगैर सिविल डिफेंस और होमगार्ड के जवान सभी महत्वपूर्ण बस स्टॉप पर ड्यृटी पर मुस्तैद हैं। बसों में यात्रियों की संख्या कम होने की वजह से डीटीसी बसों में फिलहाल मार्शल की तैनाती नहीं की गई है।
द्वारका के एक स्टॉप पर मौजूद मार्शल बसों को रोककर न केवल यात्रियों की संख्या की निगरानी कर रहे थे, बल्कि यात्रियों से यह भी पूछते दिखे कि सफर के दौरान उन्हें किसी तरह की परेशानी तो नहीं। कुछ बस स्टॉप पर अभी भी सुबह और शाम के वक्त भीड़ अधिक होने पर यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग भी की जाती हैं। हालांकि दिल्ली में रिकवरी रेट में लगातार सुधार को देखते हुए थर्मल स्क्रीनिंग कम की जा रही है।
कई बार यात्रियों को समझाते हैं मार्शल
ड्यूटी पर तैनात मार्शल का कहना है कि अपनी ड्यूटी में कोई कोताही नहीं करते। कई बार जल्दबाजी होने पर बस में सीट न होने पर भी यात्री अड़ जाते हैं। ऐसे में उन्हें समझाकर दूसरी बस में भेजा जाता है ताकि संक्रमण के प्रसार को रोकने में किसी तरह की अनदेखी न हो।