केंद्र में भाजपा की सरकार बनने के बाद पूर्वी दिल्ली नगर निगम की कमान संभाल रहे पार्षदों ने एक पखवाड़े में दूसरी बार स्थानीय लोगों को महंगाई का झटका दिया।
उन्होंने बृहस्पतिवार को समुदाय भवन की बुकिंग राशि में साढ़े 12 प्रतिशत की बढ़ोतरी वाले प्रस्ताव पर स्थायी समिति की बैठक में मोहर लगा दी। कांग्रेस के पार्षदों ने इसका कड़ा विरोध किया। करीब 15 दिन पहले तीनों नगर निगम में टोल टैक्स की दरों में 36 प्रतिशत बढ़ोतरी की गई थी।
बैठक में आयुक्त एस कुमारस्वामी ने कहा कि निगम को समुदाय भवन की बुकिंग से होने वाली आय का सर्विस टैक्स देना पड़ रहा है, जबकि अभी तक बुकिंग राशि में सर्विस टैक्स लेने का प्रावधान नहीं है। इस वजह से निगम के ऊपर भारी राजस्व भार पड़ रहा है, लिहाजा समुदाय भवन की बुकिंग कराने वाले लोगों से भी सर्विस टैक्स लिया जाए।
स्थायी समिति अध्यक्ष बीबी त्यागी ने आयुक्त के प्रस्ताव को हरी झंडी देने में देरी नहीं की। इस दौरान विपक्ष की नेता वरियाम कौर व कांग्रेस पार्षद सविता शर्मा ने प्रस्ताव का विरोध किया। उन्होंने चुटकी लेते कहा कि भाजपा ऐसे अच्छे दिन लाने वाली थी तो उसे चुनाव में इसका खुलासा करना चाहिए था।
आयुक्त का प्रस्ताव स्वीकार होने पर लोगों को ए श्रेणी के समुदाय भवन की बुकिंग कराने पर 1875 रुपये, बी श्रेणी में 938 रुपये, सी श्रेणी में 563 रुपये, डी श्रेणी में 281 रुपये और ई श्रेणी में 94 रुपये अधिक देने पड़ेंगे।
कांग्रेस के पार्षदों ने टोल टैक्स की दरों में 36 प्रतिशत बढ़ोतरी करने पर भी विरोध जताया। उन्होंने आरोप लगाया कि टोल टैक्स की वसूली के ठेके की अवधि बढ़ाने में भाजपा पार्षदों ने करोड़ों रुपये का घोटाला किया है। इस दौरान दोनों पार्टियों के पार्षदों में काफी देर तक नोकझोंक हुई।
कांग्रेस के पार्षदों ने भाजपा सांसदों के दौरों का विरोध किया। साथ ही कहा कि भाजपा सांसद निगम की छवि को धूमिल करने वाले बयान दे रहे हैं, जबकि पिछले सात साल से नगर निगम में भाजपा का शासन है।