जलभराव, सड़क और पेयजल समस्याओं से आक्रोशित वार्ड-23 की डूडा आवासीय योजना के आवंटियों ने बुधवार को नगर निगम पर जमकर हंगामा किया।
स्थानीय पार्षद के साथ शिकायत लेकर निगम पहुंची महिलाओं ने महापौर कार्यालय के बाहर जमकर नारेबाजी की और उनका कार्यालय घेर लिया।
गुस्साई महिलाओं ने नगर निगम का मेन गेट बंद कर दिया। इससे मेयर और निगम अधिकारी अंदर फंस गए। बाद में किसी तरह गेट खुलवाकर मेयर को निकाला गया।
आवंटियों का कहना है कि जल निकासी न होने की वजह से कालोनी में एक फीट पानी हर समय भरा रहता है। जलभराव और गंदगी की वजह से लोगों का घरों में रुकना दूभर हो रहा है।
कई बार पार्षद से भी शिकायत की, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। पार्षद नरेश जाटव ने आरोप लगाया कि महापौर, नगर आयुक्त से सड़कें और नालियां बनवाने के लिए कई बार शिकायत की गई, लेकिन वार्ड में काम नहीं कराए जा रहे हैं।
उधर, महापौर तेलूराम कांबोज ने कहा कि अवस्थापना निधि की आंशिक रकम निगम को मिल गई है। इस फंड से यहां विकास कार्य कराए जाएंगे।