जीडीए की लापरवाही से पावर कारपोरेशन को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अफसरों ने कारपोरेशन की 33 केवीए की विद्युत लाइन पार्किंग के पक्के निर्माण के नीचे दबा दी है।
यह तब है, जबकि उसको विद्युत लाइन का नक्शा और इसके ऊपर निर्माण न करने का पत्र पहले ही भेजा जा चुका था। जिला कचहरी को पावर सप्लाई का केबल डीएम आफिस मार्ग के बराबर भूमिगत डाला हुआ है।
उच्च न्यायालय ने कोर्ट परिसर मेें 24 घंटे सप्लाई दिए जाने के आदेश दे रखे हैं। ऐसे में यहां भूमिगत केबिल डाला गया था। इस मार्ग पर जीडीए की वाहन पार्किंग का निर्माण चल रहा है।
एक्सईएन एस. राजवंशी ने बताया कि जीडीए को इस क्षेत्र का नक्शा भेज दिया गया था। उनसे भूमिगत विद्युत लाइन के ऊपर पार्किंग का निर्माण न कराने का आग्रह भी किया गया था। इसके बाद दो बार पत्राचार भी किया गया।
इसके बावजूद जीडीए के इंजीनियरों की लापरवाही से 33 केवीए की भूमिगत लाइन को पार्किंग के नीचे दबा दिया गया। इससे कचहरी परिसर की सप्लाई बाधित होने की स्थिति में फाल्ट ठीक कराना आसान नहीं होगा।
पावर कारपोरेशन ने निर्माण रोकने को भी कई पत्र लिखे। एसई एसबी यादव ने बताया कि विद्युत लाइन के ऊपर स्थायी निर्माण नहीं कराया जा सकता। जीडीए को इसका नोटिस भेजा गया है।
जीडीए या तो लाइन के ऊपर से निर्माण को हटवाए या फिर वैकल्पिक लाइन डालकर पावर सप्लाई की सुविधा प्रदान करें। ऐसा न होने की स्थिति में जीडीए के ठेकेदार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।
जीडीए अधिशासी अभियंता एसके सिंह ने कहा कि मामले की जानकारी नहीं है और न ही बिजली विभाग से इस संबंध में कोई नोटिस मिला है।
इस संबंध में बिजली विभाग के अधिकारियों से मिलकर मामले की जानकारी लेंगे। इससे जुड़ा जो भी बेहतर विकल्प होगा, उसे अमल में लाया जाएगा।