आरोपी हाईटेक आईवीआर सिस्टम के जरिए पीड़ितों के स्विगी अकाउंट की जानकारी जुटाकर उनका खाता हैक कर लेते थे। बाद में उनके खाते से ग्रॉसरी सामान खरीद लिया जाता था। इस सामान को मार्केट में कम रेट पर बेच दिया जाता था। आरोपियों ने कितने लोगों के साथ ठगी की इसकी पड़ताल की जा रही है।
पुलिस ने आरोपियों के पास से दो मोबाइल फोन, तीन सिमकार्ड, नौ क्रेडिट व डेबिट कार्ड और एक फर्जी आधार कार्ड बरामद किया है। पुलिस को इनके तीसरे साथी अंश की तलाश है। पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ कर ठगी के बाकी मामलों में लिंक करने का प्रयास किया जा रहा है। दोनों से पूछताछ जारी है।
दक्षिण जिला पुलिस उपायुक्त अंकित चौहान ने बताया कि पिछले दिनों ब्रिजवासी कालोनी, सुल्तानपुर निवासी 26 वर्षीय महिला ने ठगी की एक शिकायत साइबर थाने को दी थी। पीड़िता ने बताया कि उनके खाते से कुछ लोगों ने 97197 रुपये ठग लिए हैं। उनका स्विगी खाता उनके बैंक खाते से लिंक था। वहां से रकम निकाली गई है।
पुलिस ने मामला दर्ज कर पड़ताल की। छानबीन के दौरान जिन खातों के जरिए रकम का इस्तेमाल हुआ,उसकी पड़ताल की गई। जिस मोबाइल नंबर को ठगी के लिए इस्तेमाल किया गया, उसकी मदद से स्विगी अकाउंट के जरिए निकाली गई रकम से ग्रॉसरी सामान खरीदकर उसे गुरुग्राम के पते पर डिलीवर कराया गया है।
जांच में नंबर की आईडी भी फर्जी निकली। टेक्निकल सर्विलांस की मदद से पुलिस ने आरोपियों की लोकेशन ट्रेस और दोनों को गिरफ्तार कर लिया। इनके पास से ठगी में इस्तेमाल मोबाइल, सिमकार्ड व बैंक खातों से जुड़ी बाकी चीजें बरामद कर ली गई। पूछताछ के दौरान अनिकेत ने बताया कि वह जोमैटो और स्विगी में डिलीवरी का काम करता था।