दिल्ली महिला आयोग ने निर्भया फंड खर्च न करने के मामले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। आयोग ने पत्र के माध्यम से पूछा है कि आखिर यह फंड राज्यों को क्यों नहीं बांटा जा रहा है?
पत्र के साथ आयोग ने फंड के प्रयोग के लिए पांच सुझाव भी भेजे हैं साथ ही आयोग ने फंड को सभी राज्यों में बांटने की भी मांग रखी है। दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री को लिखा कि, बृहस्पतिवार को सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से निर्भया फंड के तीन हजार करोड़ रुपये खर्च न करने पर जवाब मांगा है।
मैंने 24 सितंबर 2015 को इससे पहले भी आपको पत्र लिखा था। निर्भया फंड खर्च नहीं हो रहा है, जबकि देश में हर दिन कई निर्भया पैदा हो रही हैं। इस पैसे का इन घटनाओं को रोकने के लिए प्रयोग किया जाना चाहिए।
पिछले दस महीने में निर्भया फंड के सही प्रयोग को लेकर हर फोरम पर अपनी बात रख चुकी हूं, लेकिन कोई खास काम नहीं हो सका है। मैंने डीटीसी बसों में इस फंड से सीसीटीवी लगाने की मांग की, लेकिन केंद्र सरकार ने फाइल यह कहकर वापस कर दी कि यह प्रोजेक्ट लैंगिक संवेदनशील नहीं है।
जबकि गृहमंत्रालय की स्पेशल टास्क फोर्स की बैठक में मेरे इसी सुझाव को सही माना गया था। आयोग ने पत्र के साथ सुझाव भी भेजे हैं, जिसमें निर्भया फंड से देश के पुलिस स्टेशन, स्कूल, कॉलेज, बसों में सीसीटीवी कैमरे लगाने, फॉरेंसिक लैब बनाने, निर्भया फंड वन स्टॉप सेंटर बनाने, एसिड अटैक पीड़िताओं का पुनर्वास, मानव तस्करी व नारी निकेतन पुनर्वास, नए कोर्ट बनाने में इस फंड का प्रयोग करने की मांग रखी गई है।