शहर में सोमवार शाम को करीब दो घंटे हुई मूसलाधार बारिश ने लोगों के लिए भारी आफत खड़ी कर दी। ऑफिस में छुट्टी हुई ही थी कि बारिश ने वाहनों को रोक दिया। ऐसा भीषण जाम लोगों ने कई वर्षों से नहीं देखा था।
कई सेक्टरों की हालत ऐसी हो गई कि जो जहां था, वहीं थम गया। चार किलोमीटर का रास्ता तय करने में चार से पांच घंटे तक का समय लगा। बारिश उस समय शुरू हुई जब ज्यादातर दफ्तरों में छुट्टी होती है।
ऑफिस में काम करने वाले लोग शाम करीब 5:30 बजे जैसे ही घर जाने के लिए सड़कों पर निकले, उसी वक्त झमाझम बारिश शुरू हो गई। बारिश इतनी तेज थी कि जो जहां था, वहीं पर रुक गया।
जल्दी के चक्कर में फंसे
बारिश शुरू होते ही वाहन चालक जल्दबाजी में इधर-उधर वाहन निकालने का प्रयास करने लगे। चूंकि चारों तरफ से वाहनों का दबाव था, लिहाजा ट्रैफिक नियमों का किसी ने पालन नहीं किया। सोमवार को शिवरात्रि होने के चलते सड़क पर ट्रैफिक पुलिस भी नहीं थी। बारिश के साथ ही चौराहों और तिराहों की ट्रैफिक लाइट भी खराब हो गई।
हर तरफ पानी ही पानी
हाईटेक शहर में सेक्टर-58, 59, 60, 15 ए, 4, 5, 9 समेत एक दर्जन सेक्टर ऐसे हैं, जो अपने बगल वाले सेक्टरों से नीचे हैं। बरसात होते ही यहां पानी भर जाता है। पानी निकलने में तीन से चार घंटे का समय लगा जाता है।
एक साथ निकले लाखों कामकाजी
उन्हीं स्थानों पर जाम की स्थिति रही, जहां औद्योगिक सेक्टर हैं। इन सेक्टरों से जैसे ही लाखों की संख्या में एक साथ कामकाजी लोग निकले, तो सड़कें छोटी पड़ गईं। आवासीय सेक्टरों तक पहुंचने में घंटों लग गए।
टूटी सड़कें, गड्ढों से डरे लोग
पंकज ने बताया कि वह सेक्टर-59 स्थित कंपनी से शाम 6 बजे निकले। बाहर जाम देखकर वापस कंपनी पहुंचे। करीब डेढ़ घंटे के बाद कुछ जगह मिली, तो फिर निकलने का प्रयास किया। इस तरह तीन बार वापस ऑफिस आना पड़ा। रात 10:45 बजे सेक्टर-12 में घर तक पहुंच सका। सड़क पर फंसे लोग इस बात से भी डरते रहे कि कहीं टूटी सड़कें और गड्ढों में न फंस जाएं।
न गाड़ी वाला बचा, न पैदल
तेज बारिश ने सभी को भिगा दिया। हालात ये रहे कि न पैदल वाला बचा और न ही गाड़ी वाला। दिल्ली-नोएडा और नोएडा-दिल्ली वाले रूटों पर भी भीषण जाम रहा। महिलाएं और बच्चे काफी परेशान दिखे।