रविवार को छुट्टी के दि समय पहले ही सारी टिकटें खत्म हो गई थी। यहां लोगों को लुभाने के लिए डीडीए ने कर्नाटक, राजस्थान, बिहार, हिमाचल प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों के हस्तशिल्प भी मौजूद रहे। डीडीए के इस आयोजन में लोगों ने जमकर मस्ती की।
इस उत्सव की सफलता को देखते हुए डीडीए ने शहर के अन्य क्षेत्रों में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजन करने का निर्णय लिया है। उपराज्यपाल वीके सक्सेना के आदेश पर शहरभर में ऐसे और कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
बीते दो दिनों ने देश के विभिन्न राज्यों से आए 30 से अधिक पेशेवर पतंगबाजों ने अपना जौहर दिखाया। महोत्सव में पतंग गैलरी, स्वादिष्ट भोजन और विशेष बच्चों के क्षेत्र के रूप में पतंगों के इतिहास को प्रदर्शित करने वाले थीम मंडप जैसे प्रमुख आकर्षण भी थे।