ग्रेटर नोएडा के चुनाव आचार संहिता लगते ही एक बार फिर कालोनाइजर सक्रिय हो गए हैं।
प्रशासन और प्राधिकरण के चुनावों में व्यस्त होने चलते अधिसूचित क्षेत्र में प्लॉटिंग का काम तेज हो गया है। नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे और एफएनजी के किनारे जमीन बेचने के लिए जमकर प्रचार किया जा रहा है।
आचार संहिता का लाभ उठाने के लिए कालोनाइजर रातोंरात प्लॉटिंग कर रहे हैं। नलगढ़ा, बादौली और आसपास के गांवों के पास भूमाफियाओं ने जमीनों पर कालोनी बनानी शुरू कर दी है। एफएनजी के किनारे भी कुछ स्थानों पर ऐसा ही किया जा रहा है।
यह नोएडा और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरणों का अधिसूचित क्षेत्र है। जहां भूमाफिया एक लाख से दो लाख रुपये में 100 गज का प्लॉट बेचकर गायब हो जाते हैं। प्लॉट बेचने के लिए कालोनाइजर समाचारों पत्रों के अलावा कुछ निजी चैनलों में विज्ञापन भी दे रहे हैं, लेकिन प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है।
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गांवों में भी प्लॉटिंग
नोएडा-ग्रेटर नोएडा शहरों से सटे गांवों में भी प्लॉटिंग का धंधा जोरों पर है। दादरी-जीटी रोड के पास कई गांवों में बडे़ स्तर पर भूमाफियाओं द्वारा कालोनी काटी जा रही है। कुछ स्थानों पर तो प्राधिकरण के अधिकारियों ने अतिक्रमण हटाया था, लेकिन चुनाव के आते ही फिर से प्लॉटिंग शुरू हो गई है।
डूब क्षेत्र में भी सक्रिय
हिंडन डूब क्षेत्र में जिला प्रशासन ने रजिस्ट्री भले ही बंद कर रखी हो, यहां भूमाफियाओं द्वारा खूब कालोनी काटी जा रही है। इस क्षेत्र पर विशेष नजर रखने की हिदायत दी गई थी।
क्या कहते हैं अधिकारी
प्राधिकरण के एक आला अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि ऐसे कालोनाइजरों को चिह्नित करने की प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही उनके खिलाफ कार्रवाई कराई जाएगी।