फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ghaziabad Property Tax: डीएम सर्किल रेट से संपत्ति कर वसूलने का मामला सीएम तक पहुंचा, महापौर ने लिखा पत्र

Thu, 12 Sep 2024 10:52 PM IST
आकाश दुबे माई सिटी रिपोर्टर, गाजियाबाद

सार

मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र के जरिये महापौर ने नगर निगम के अधिकारियों पर मनमानी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि डीएम सर्किल रेट के आधार पर संपत्ति कर के बिल भेजकर शहर की जनता पर दबाव बनाया जा रहा है।
विज्ञापन
UP CM Yogi Adityanath - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

महापौर सुनीता दयाल ने एक बार फिर नगर निगम अधिकारियों पर निशाना साधा है। शहरवासियों और जन-प्रतिनिधियों के विरोध के बावजूद डीएम सर्किल रेट के हिसाब से संपत्ति कर वसूलने की शिकायत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से की है। उन्होंने शहर विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव से पहले पार्टी विरोधी माहौल बनाने का आरोप नगर निगम के अधिकारियों पर लगाया है। मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर संपत्ति कर के मामले में हस्तक्षेप करने की गुहार लगाई है।

विज्ञापन

मुख्यमंत्री के अलावा भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारियों को भेजे गए पत्र के जरिये महापौर ने नगर निगम के अधिकारियों पर मनमानी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि डीएम सर्किल रेट के आधार पर संपत्ति कर के बिल भेजकर शहर की जनता पर दबाव बनाया जा रहा है। नगर आयुक्त के निर्देश पर शहर में अनाउंसमेंट कराकर नियमों को ताक पर रख संपत्ति कर की वसूली की जा रही है, जिससे कि शहर की जनता में भय का माहौल उत्पन्न हो रहा है। केंद्र और प्रदेश की सरकार के विरुद्ध माहौल बनाया जा रहा है। नगर निगम बोर्ड के 7 जनवरी 2023 के प्रस्ताव में प्रतिवर्ष पांच प्रतिशत या दो वर्ष के अंतराल में दस प्रतिशत संपत्ति कर वसूले जाने का प्रावधान किया गया था। 

नगर निगम अधिनियम के अनुसार प्रत्येक दो वर्ष में एक बार संपत्ति कर की दरें निर्धारित की जा सकती हैं। मसलन, 31 मार्च 2025 तक संपत्ति कर में बढ़ोत्तरी नहीं की जा सकती। इस साल 9 जनवरी को बोर्ड बैठक के दौरान मुख्य कर निर्धारण अधिकारी ने अवगत कराया था कि विगत वर्ष में दस प्रतिशत की बढ़ोतरी हो चुकी है। अब कारपेट एरिया के आधार पर टैक्स रिवीजन का कार्य कराया जा रहा है। संपत्ति कर में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। नगर आयुक्त ने भी बोर्ड को अवगत कराया था कि संपत्ति दर में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है, लेकिन इसके बाद भी बढ़ी दरों पर कर वसूली की जाने लगी है।
विज्ञापन

महापौर ने बताया कि मंत्री, सांसद, विधायक और पार्षद एक मत से संपत्ति कर बढ़ाने का विरोध कर रहे हैं। गाजियाबाद शहर विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव प्रस्तावित है। ऐसे में नगर निगम के अधिकारियों द्वारा शहर की जनता को भेजे जा रहे संपत्ति कर की बढ़ी दरों के नोटिस से पार्टी विरोधी माहौल बन सकता है। इसलिए मुख्यमंत्री और संगठन के पदाधिकारियों को इस मामले में हस्तक्षेप करना चाहिए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें