14 दिन पूर्व हाथरस से गायब हुए आठवीं कक्षा के छात्र सुखबीर (15) को होटल में नौकरी करते हुए गाजियाबाद पुलिस ने बरामद किया। स्कूल यूनिफार्म न दिलाए जाने से नाराज होकर यह छात्र घर से भाग आया था।
नई यूनिफार्म खरीदने के लिए वह होटल पर काम कर रहा था। छात्र की पढ़ाई के प्रति उसकी लगन को देखते हुए अब सीओ सदर पवन कुमार ने उसकी एक साल की पढ़ाई का खर्च उठाने का जिम्मा लिया। शाम को छात्र उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
एसओ मसूरी हरिदयाल यादव ने बताया कि बरामद छात्र सुखबीर हाथरस के सिकंदराराऊ (लालगढ़ी) का है। हाथरस में ट्रेन से मसूरी आकर एक होटल में नौकरी कर रहा था।
छात्र के पड़ोस में रहने वाले यूपी पुलिस के ट्रैफिक सिपाही वीरेंद्र सिंह (हापुड़ में तैनात) को एक ट्रक चालक ने सुखबीर के बारे में जानकारी दी तो वह उसे तलाशते हुए बुधवार को मसूरी थाने पहुंचे। मसूरी पुलिस की मदद से छात्र को ढूंढा गया।
छात्र की बरामदगी की सूचना पर उसके परिजन भी मसूरी थाने पहुंचे। छात्र ने बताया कि उसकी स्कूल यूनिफार्म खराब हो गई थी। परिजनों से उसने यूनिफार्म खरीदने के लिए पैसे मांगे, लेकिन उन्होंने आर्थिक तंगी बताकर पैसे देने से इंकार कर दिया था।
वह गुस्से में घर से भाग आया था। इस दौरान सीओ सदर पवन कुमार भी थाने में मौजूद थे। उन्होंने छात्र की बातें सुनकर और उसके परिवार की आर्थिक स्थिति के बारे जानकर एक साल तक छात्र की पढ़ाई का खर्च उठाने का आश्वासन दिया है।
सीओ ने कहा कि हर महीने रकम सुखबीर के परिजनों के बैंक खाते में वह ट्रांसफर किया करेंगे। छात्र ने सीओ से वादा किया कि वह अच्छे से पढ़ाई कर परिवार का नाम रोशन करेगा। छात्र के पिता हुंडी लाल किसान हैं। उनके छह बच्चे हैं। सुखबीर तीसरे नंबर का है।