यूपी में हुए एनआरएचएम घोटाले में सीबीआई ने एक बार फिर आरोपियों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। लखनऊ सीबीआई ने जौनपुर, गाजीपुर, वाराणसी और चंदौली जिलों के सीएमओ समेत कुल 17 लोगों के खिलाफ पांच एफआईआर दर्ज की हैं।
पांचों एफआईआर गाजियाबाद स्थित सीबीआई विशेष कोर्ट में पेश कर दी गई हैं। माना जा रहा है कि सीबीआई अब जल्द ही कुछ और एफआईआर और चार्जशीट कोर्ट में पेश कर सकती है।
जौनपुर में हुए एनआरएचएम घोटला प्रकरण में सीबीआई ने दो एफआईआर दर्ज की हैं। इसमें तत्कालीन सीएमओ डीके पटेरिया, मेडिकल आफिसर एसएन उपाध्याय, डीसीएमओ आनंद, डीपीओ वेलफेयर ओपी ओझा, एसएमओ एके सिंह के अलावा जौनपुर की ही मैसर्स न्यूरोसर्जिकल फार्मास्युटिकल्स के प्रोपराइटर राजकुमार गुप्ता और मैसर्स जेएम फार्मास्युटिकल्स के राजेश शुक्ला को नामजद किया है।
इन दोनों मामलों में डिलीवरी किट और आईयूडी किट की खरीद में लाखों की बंदरबांट की गई। इसी प्रकार गाजीपुर जिले में भी एनआरएचएम के बजट में घोटाला किया गया।
इसमें तत्कालीन सीएमओ प्रकाश किशोर सिंह प्रदीप कुमार, ओमप्रकाश श्रीवास्तव, करिज्मा हेल्थ केयर लखनऊ के संचालक संजय कुमार अग्रवाल, कर्मचारी ज्ञानदत्त पांडेय के अलावा अमृतसर की जैक्सन लेबोरेट्री के संचालक जुगल किशोर को सीबीआई ने दो मामलों में नामजद किया है।
वाराणसी के तत्कालीन सीएमओ एएन सिंह और लखनऊ की डीआर मेडिकल प्रा.लि. फर्म के डायरेक्टर आरएन सिंह के खिलाफ भी सीबीआई ने एक एफआईआर दर्ज की है।
चंदौली जिले में हुए एनआरएचएम घोटाले में सीबीआई ने यहां सीएमओ रहे विभूति प्रसाद, एके जायसवाल और लखनऊ की मेडिकल फर्म एसके डिस्ट्रीब्यूटर्स के संचालक सुरेंद्र कुमार पांडेय को सीबीआई ने नामजद किया है।