स्वर्ण जयंती समारोह की झलकियां देखते पीएम मोदी
- फोटो : अमर उजाला
स्वर्ण जयंती समारोह के माध्यम से मनोहर लाल सरकार ने एक ओर अपनी दो साल की कामयाबी गिनाई तो दूसरी ओर डैमेज कंट्रोल करने से भी नहीं चूके।
जाट आंदोलन में सरकार की हुई किरकिरी के बाद हरियाणा एक और हरियाणवी एक का नारा दिया। तो दूसरी ओर मेवात में बिरयानी मामले में उठे तूफान को हैदराबाद बिरयानी से जोड़ कर मामले को शांत करने का प्रयास किया।
स्वर्ण जयंती समारोह पर सरकार की ओर से 1700 करोड़ का बजट साल भर में रखा गया है। जिसमें से करीब 200 करोड़ रुपया इस समारोह में खर्च किए जाने की बात कही जा रही है।