मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के प्रधान सचिव राजेँद्र कुमार की गिरफ्तारी बेशक सीबीआई ने की है, लेकिन शिकायतों का सिलसिला काफी पुराना है।शिक्षा विभाग में निदेशक पद पर रहते कंप्यूटर एडेड लर्निंग (कैल) प्रोजेक्ट ने राजेंद्र कुमार को 2008 में पीएम अवार्ड दिलवाया तो अब उसी प्रोजेक्ट के साथियों के साथ राजेंद्र कुमार की गिरफ्तारी भी हुई।
राजेँद्र कुमार के खिलाफ विशेष कंपनी को लाभ पहुंचाने की शिकायतें पहले भी भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) में आधा दर्जन बार की गई हैं। भ्रष्टाचार निरोधक शाखा को मिली उन्हीं शिकायतों में से एक सीबीआई को भेजी गई थी।
उसमें शिकायतकर्ता ने शिक्षा निदेशक और सूचना प्रौद्योगिकी सचिव रहते विशेष एंडेवर कंपनी को फायदा पहुंचाने का आरोप लगाया था। उसी शिकायत के आधार पर पिछले साल 15 दिसंबर को छापेमारी हुई और फिर अब 4 जुलाई को गिरफ्तारी।
शिकायत दिल्ली डॉयलॉग कमीशन के पूर्व सदस्य सचिव आशीष जोशी ने की थी। दिल्ली डॉयलॉग कमीशन के सदस्य सचिव रहे आशीष जोशी को जबरदस्ती पद से हटाने के मामले में जोशी ने सीधे धमकाने तक का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत तक दर्ज करवाई।
केजरीवाल को सरकार के सिस्टम की बारीकी बताने वाले राजेंद्र कुमार की इसके लिए साथी आईएएस अधिकारियों के साथ भी बिगड़ती रही है। सेवा विभाग से वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अनिंदो मजूमदार के कमरे में ताला लगवाने और फिर गृह विभाग की फाइलें जबरदस्ती मंगवाने को लेकर भी राजेंद्र कुमार विवाद में रहे हैं।