अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को प्रधानमंत्री के नाम एक अपील जारी की। इसमें उन्होंने बेहद नम्र लहजे में दिल्ली पुलिस की जिम्मेदारी तय करने की मांग की है। केजरीवाल का कहना है कि दिल्ली पुलिस निरंकुश हो गई है।
इसके लिए प्रधानमंत्री हफ्ते में एक घंटे का समय दिल्ली पर दें या फिर पुलिस को सरकार के अधीन कर दें। वीडियो को ‘आप’ ने सोशल मीडिया साइट्स पर साझा किया है।
करीब सवा मिनट की क्लिप में केजरीवाल पहले आनंद पर्वत मामले का जिक्र करते हैं। केजरीवाल बताते हैं कि उनके साथ मनीष सिसोदिया ने मीनाक्षी के परिजनों और पड़ोसियों से मुलाकात की।
'दिल्ली में लोग डरे हुए हैं'
वहां के लोग बहुत डरे हैं। लोगों ने बताया कि इलाके में दूर-दूर तक पुलिस नहीं दिखती। केजरीवाल का कहना है कि घटनाएं बढ़ती जा रही है। दिल्ली में कानून व्यवस्था चरमरा गई है। खासतौर से महिलाएं खुद का असुरक्षित महसूस करती हैं।
इसके बाद केजरीवाल सीधे प्रधानमंत्री से मुखातिब होते हैं। सबसे पहले उन्होंने याद दिलाया कि दिल्ली पुलिस पर कानूनन प्रधानमंत्री का अधिकार है, लेकिन वह इसके लिए समय नहीं दे पा रहे हैं।
इससे दिल्ली पुलिस निरंकुश हो गई है। इस पर किसी का नियंत्रण नहीं है। हालांकि इस दौरान केजरीवाल ने सफाई दी है कि सभी पुलिसवाले खराब नहीं हैं। इसकी जगह पूरा सिस्टम खराब हो गया है।
'मोदी जी से हाथ जोड़कर गुजारिश'
फिर, अरविंद ने हाथ जोड़कर नरेंद्र मोदी से गुजारिश की है कि या तो वह पुलिस को जिम्मेदार बनाने के लिए हफ्ते में एक घंटे का समय दिल्ली के लिए दें, या पुलिस को दिल्ली सरकार को सौंप दें।
आम लोगों की मदद से सरकार जिम्मेदारी तय कर देगी। आखिर में केजरीवाल ने कहा है कि आनंद पर्वत के लोग काफी डरे हैं। प्लीज, वहां दिल्ली पुलिस का इंतजाम करा दीजिए।
केजरीवाल ने इसके बाद करीब सवा मिनट का दूसरा वीडियो संदेश आम लोगों के लिए जारी किया है।
'जनता हिंसा का विराध करें'
केजरीवाल ने वीडियों के जरिए जनता को कहा कि अपराधियों ने मीनाक्षी का 32 बार चाकुओं से गोदा लेकिन कोई आगे नहीं आया।
केजरीवाल अपील करते हैं कि पीड़ित इंसान की जगह आप अपने परिजनों को रखें। आपके अंदर चमत्कार होगा। नाइंसाफी के खिलाफ आवाज उठाने की हिम्मत बढ़ेगी।
विरोध की एक आवाज उठने पर अन्य को भी हिम्मत आती है। अगली बार ऐसा देखने पर लोग आवाज उठाएं। सब लोग मिलकर कोशिश करेंगे, तभी दिल्ली सुरक्षित होगी।