पूर्व कानून मंत्री जितेन्द्र सिंह तोमर मामले में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल विधानसभा में सफाई दी। तो तुरंत भाजपा की दिग्गज नेता वसुंधरा राजे सिंधिया और सुषमा स्वराज को मंत्रिमंडल से हटाकर जांच करने की मांग प्रधानमंत्री के समक्ष रख दी।
हालांकि भाजपा विधायकों ने प्रधानमंत्री का नाम लिए जाने पर आपत्ति भी जताई। वहीं विस कार्यवाही के बाहर केजरीवाल ने अरुण जेटली पर लग रहे आरोप की जांच के सवाल पर कहा कि सबकी जांच होनी चाहिए।
केजरीवाल ने कहा जितेन्द्र तोमर से लिखित स्पष्टीकरण दिया था और कुछ कागजात भी दिखाए थे। उसे देखकर लगा सब ठीक है, लेकिन पुलिस ने एफआईआर दर्ज की। गिरफ्तारी हुई तो इस्तीफा मिलते ही स्वीकार किया और मंत्रिमंडल से हटा दिया। हम ईमानदारी करने आए हैं। किसी से रिश्तेदारी नहीं है।