दिल्ली विधानसभा चुनावों में सरकारी धन के दुरुपयोग के मामले में पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विजेन्द्र गुप्ता और पार्टी के अधिवक्ता प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक अनिल सोनी की अगुवाई में एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से मुलाकात कर अदालत में लंबित सरकार की याचिका वापस लेने की मांग की। मुख्यमंत्री ने भी उन्हें उचित कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
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मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने सीएम को शीला दीक्षित के भ्रष्टाचार से संबंधित मामलों में कार्रवाई करने के लिए जरूरी दस्तावेज भी सौंपे।
विजेन्द्र गुप्ता ने जानकारी दी कि पिछले साल 31 अगस्त को भ्रष्टाचार निरोधक शाखा के विशेष न्यायाधीश ने आदेश दिया था कि 22.56 करोड़ रुपये के दुरुपयोग के मामले में शीला दीक्षित व उनके सहयोगियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए।
तत्कालीन दिल्ली सरकार ने इस आदेश को उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी। अदालत ने इसके बाद स्टे कर दिया था। मामला अभी भी लंबित है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री से गुजारिश की गई कि शीला दीक्षित के समय सरकार की ओर से फाइल की गई याचिका मौजूदा दिल्ली सरकार वापस ले ले। इससे शीला दीक्षित के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का रास्ता साफ हो सकेगा।