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'24 घंटे में हुए चार मर्डर': केजरीवाल की एलजी को चिट्ठी, दिल्ली की बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर की यह मांग

Tue, 20 Jun 2023 10:30 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

दिल्ली की बिगड़ती कानून व्यवस्था पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने उपराज्यपाल वीके सक्सेना को चिट्ठी लिखी है।
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एलजी वीके सक्सेना और सीएम अरविंद केजरीवाल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दिल्ली की कानून व्यवस्था पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सवाल उठाया है। मुख्यमंत्री ने इसकी जिम्मेदारी उपराज्यपाल वीके सक्सेना और केंद्र सरकार पर डाली है। उनका कहना है कि दिल्ली सरकार के अधीन शिक्षा व स्वास्थ्य सरीखे जो काम थे, उसको उन्होंने ठीक कर दिया है, जबकि कानून व्यवस्था का जिम्मा उपराज्यपाल व केंद्रीय गृह मंत्रालय का है। ऐसे में उपराज्यपाल व केंद्रीय गृहमंत्री को वह इस दिशा में ठोस कदम उठाने की सलाह भी दी है। मुख्यमंत्री ने मंगलवार को इस बारे में उपराज्यपाल को पत्र भी लिखा है। केजरीवाल ने कहा कि  पिछले 24 घंटों में चार हत्याएं हुई हैं। मुख्यमंत्री की सलाह है कि मामले की संजीदगी को देखते हुए उपराज्यपाल को इस मसले पर दिल्ली कैबिनेट के साथ चर्चा करनी चाहिए।

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केजरीवाल ने कहा कि उनके पास जो भी क्षेत्र थे, उनमें से अधिकतर क्षेत्रों को हमने ठीक कर दिए हैं। पंजाब में कानून व्यवस्था हमारे पास पहली बार आई। पुरानी सरकारों की गड़बड़ से शुरुआत में पंजाब की कानून व्यवस्था को संभालने में थोड़ी परेशानी हुई, लेकिन अब वहां हालात इतने सुधर गए हैं कि कानून व्यवस्था के मामले में आज पंजाब टाप राज्यों में गिना जा रहा है। अगर दिल्ली पुलिस भी उनकी सरकार को दे दी जाए तो वह दिल्ली के अंदर कानून-व्यवस्था भी बेहतर करके दिखाएगी।

थाना कमेटी हो पुनर्जीवित
केजरीवाल के मुताबिक, पहले दिल्ली में थाना स्तर पर कमेटी बनी थी। स्थानीय विधायक उस कमेटी का अध्यक्ष होता था। इस कमेटी में आरडब्ल्यूए, पार्षद और प्रबुद्ध नागरिक शामिल होते थे। हर महीने इस कमेटी की बैठक होती थी। 2013 में जब ‘आप’ की सरकार बनी तभी से थाना लेवल कमेटी को भंग कर दिया गया है। इसे दोबारा पुनर्जीवित करना चाहिए। अरविंद केजरीवाल ने अपने पत्र में उपराज्यपाल से गुजारिश की है कि दिल्ली की कानून व्यवस्था सुधारने के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाएं, जिससे लोगों के अंदर विश्वास पैदा हो सके कि वो सुरक्षित हैं। मुख्यमंत्री ने खुद को दो करोड़ का प्रतिनिधि बताते हुए कहा है कि वह दिल्ली के अंदर कानून व्यवस्था सुनिश्चित करने और जनता के हितों की रक्षा करने में पूरा सहयोग देंगे।
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एनसीआरबी की रिपोर्ट का जिक्र
पत्र में राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की रिपोर्ट का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 19 महानगरों में महिलाओं के खिलाफ होने वाले कुल अपराधों में से 32.20 फीसदी अपराध अकेले दिल्ली के अंदर हुए हैं। यह कानून व्यवस्था के जिम्मेदार गृह मंत्रालय और उपराज्यपाल की आंखें खोलने वाली है। बावजूद इसके कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। तभी अभी तक जमीनी स्तर पर कोई सुधार नहीं है। मुख्यमंत्री ने जोर दिया कि दिल्ली में पुलिसकर्मियों की कमी है। इसलिए दिल्ली के नागरिक अब अपनी सुरक्षा के लिए प्राइवेट सुरक्षाकर्मियों को काम पर रखने लगे हैं। अपने पत्र में सीएम अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली के अंदर रात के समय पुलिस गश्त बढ़ाने जैसे तत्काल उपायों की जरूरत पर बल दिया है। साथ ही कानून व्यवस्था में सुधार के लिए दिल्ली के नागरिकों के साथ खुला संवाद करने की बात कही है।

चर्चा कराने का प्रस्ताव
अरविंद केजरीवाल ने अपने पत्र में दिल्ली कैबिनेट और उपराज्यपाल के साथ बैठक कर कानून व्यवस्था के गंभीर मसले पर चर्चा कर विचारों का आदान-प्रदान करने का प्रस्ताव रखा है। मुख्यमंत्री का कहना है कि दिल्ली में आपराधिक घटनाओं में कमी लाने के लिए के प्रभावी रणनीति बनाने के लिए एक संयुक्त बैठक की जा सकती है। इस बैठक में पुलिस अधिकारी, स्थानीय विधायकों, पार्षदों और आरडब्ल्यूए के लोग शामिल हो सकते हैं।

केजरीवाल ने भाजपा पर बोला हमला
अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भाजपा पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा दिल्ली में चार चुनाव बुरी तरह से हार गई। अगले कई वर्षों तक दिल्ली जीतने की उनकी कोई उम्मीद नहीं है। तो बीजेपी ने इस अध्यादेश के ज़रिए दिल्ली को हथियाने की कोशिश की है, कैसे? ये अध्यादेश मंत्रियों, मुख्यमंत्री और कैबिनेट के ऊपर अफसरों को बैठाता है। हर विभाग में अब अंतिम निर्णय मंत्री का नहीं, विभाग सचिव का होगा। सचिव मंत्री के निर्णय को ख़ारिज कर सकता है। कैबिनेट के ऊपर मुख्य सचिव होगा जो तय करेगा कि कैबिनेट का कौन सा निर्णय सही है। अथॉरिटी में सीएम के निर्णय को पलटने के लिए सीएम के ऊपर दो अफ़सरों को बैठा दिया गया। अफसरों की मर्जी के बिना कोई प्रस्ताव कैबिनेट में नहीं लाया जा सकता। तो सारे निर्णय अब अफ़सर लेंगे और इन अफ़सरों पर सीधे केंद्र सरकार का कंट्रोल होगा। इस तरह भाजपा चुनाव हारने के बाद चोरी से दिल्ली सरकार चलाना चाहती है।

इससे पहले आप के नेताओं ने सोमवार सुबह ट्वीट करके आरोप लगाया था कि उपराज्यपाल अपना कार्य करने के बजाय दिल्ली सरकार के काम का श्रेय लेने में लगे रहते हैं। पार्टी की मुख्य प्रवक्ता प्रियंका कक्कड़ ने संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया कि उपराज्यपाल से दिल्ली की कानून व्यवस्था संभल नहीं रही है। इसलिए दिल्ली में लगातार आपराधिक घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। कक्कड़ ने कहा कि रविवार शाम को साउथ कैंपस के अंदर घुसकर छात्र निखिल चौहान की हत्या कर दी गई। 



आप नेता ने कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में उसके पिता को रोते-बिलखते देखकर दिल दहल गया। सिर्फ निखिल को ही नहीं मारा गया, बल्कि उसके पूरे परिवार को मारा गया है। इस प्रकार की घटनाएं बढ़ती ही जा रही हैं। कभी युवती को कार के नीचे 12 किलोमीटर तक घसीटा जाता है तो कभी घर में घुसकर दो युवतियों को गोली मार दी जाती है। इन घटनाओं से पता चलता है कि दिल्ली में लोग सुरक्षित नहीं है। उन्होंने कहा कि भाजपा की केंद्र सरकार के अधीन दिल्ली की कानून व्यवस्था आती है और वह दिल्ली में लगातार अपराधियों का मनोबल बढ़ा रही है। भाजपा के मंच पर बड़े अपराधी पाए जाते हैं। यही कारण है कि अपराधी निडर हो गए हैं।

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