दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को घोषणा की कि देश की राजधानी में यातायात की समस्या से निपटने के लिए जल्द ही सड़कों को फिर से डिजाइन किया जाएगा।
केजरीवाल ने सरकार की योजना में शामिल कई परियोजनाओं के बारे में जानकारी साझा कीं। जिसमें दिल्ली में अगले पांच वर्षों के दौरान पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करना और सार्वजनिक परिवहन सुविधाओं में सुधार करने के लिए निजी कंपनियों को शामिल करने की जानकारी भी दी।
मुख्यमंत्री ने एसोचैम द्वारा आयोजित "दिल की सोच" कार्यक्रम में यह घोषणाएं कीं, जहां वक्ताओं ने शहर में शासन और विकास के बारे में बात की।
केजरीवाल ने कहा, "दिल्ली में यातायात की स्थिति को काफी हद तक सुधारा जा सकता है। जैसे दिल्ली में सड़कें चौड़ी हैं। लेकिन चार-लेन की सड़क कुछ दूरी पर तीन-लेन की सड़क में परिवर्तित हो जाती है और आगे फिर छह लेन की सड़क में फैल जाती है। यही समस्या की वजह है और इसलिए सड़कों को नया स्वरूप देने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा, "दिल्ली में समस्या बहुत अधिक एजेंसियों की मौजूदगी है। हमने पहले नौ प्रमुख सड़कों को नया स्वरूप देने की योजना बनाई थी, लेकिन अंतर्राष्ट्रीय सलाहकारों को नियुक्त करने और आवश्यक प्रक्रियाओं से गुजरने में चार साल लग गए। अब जब यह पूरा हो गया है, तो हम जल्द ही पूरी योजना की घोषणा करेंगे।"
केजरीवाल ने कहा कि सरकार परिवहन क्षेत्र में निजी क्षेत्र को लाने पर भी काम कर रही है।
उन्होंने कहा, "अगले एक पखवाड़े के भीतर योजना का एलान हो जाएगा, हम 3,000-4,000 निजी बसों को सार्वजनिक परिवहन के रूप में इस्तेमाल करने के लिए लगाएंगे। यदि हम अच्छी बसें मुहैया कराएंगे, तो लोग उन्हें निजी कारों के तुलना में चुनेंगे। बसों के लोकेशन को ट्रैक करने के लिए एक मोबाइल एप्लिकेशन भी होगा।"
केजरीवाल ने कहा, "हम एक चरणबद्ध योजना पर भी काम कर रहे हैं, जिसमें अगले पांच वर्षों में दिल्ली में चौबीस घंटे पानी की आपूर्ति होगी। हमने बिजली के लिए पहले ही तय लक्ष्य हासिल कर लिया है और केवल कुछ ट्रांसफार्मर को बदलने की आवश्यकता है।"