ऐसा क्रूर कदम किसी सरकार ने नहीं उठाया
सीएम अरविंद ने कहा कि मनरेगा को लेकर भी केंद्र सरकार का ऐसा ही हाल है। देश के सबसे गरीब, किसान और मजदूर जो साल में सौ दिन दिहाड़ी करते थे, उसमें भी सरकार ने कटौती कर दी है। केंद्र सरकार जितना भी टैक्स एकत्र करती है, उसमें से एक हिस्सा राज्य सरकारों को देती है। अब इसमें भी कटौती कर दी गई है। आखिर केंद्र सरकार का पैसा कहां गया। आजादी के आज हम 75 साल मना रहे हैं। आजादी के बाद पहली बार खाने वाली चीजों पर भी सरकार ने टैक्स लगा दिया, ऐसा क्रूर कदम किसी भी सरकार ने नहीं उठाया।
तो बच्चों को कोई नहीं पढ़ा पाएगा
सीएम ने कहा कि ऐसी क्या वजह है कि गरीब के खाने पर भी टैक्स लगाना पड़ गया। अब जनता को मिलने वाली सभी फ्री सुविधाएं बंद करने के लिए कह रहे हैं। अगर, सरकारी स्कूलों में बच्चों को फीस देनी पड़ गई तो बच्चों को कोई नहीं पढ़ा पाएगा। आधे से ज्यादा बच्चे अनपढ़ रह जाएंगे। कई राज्य सरकारों ने सरकारी स्कूलों ने फीस लेनी शुरू भी कर दी है।
तो आज ये दिन न देखना पड़ता
सीएम ने कहा कि इतना ही नहीं केंद्र की सरकारी अस्पतालों में भी फीस लेने की तैयारी है। जिसके पास पैसे नहीं हैं उनका क्या होगा। ऐसे तो लोग मर जाएंगे। आजादी के बाद से लेकर अब तक किसी भी सरकार ने ऐसा नहीं किया। सरकार ने अपने साथियों के 10 लाख करोड़ के कर्जे माफ किए हैं। अगर ये कर्जे माफ नहीं किए जाते तो आज ये दिन न देखना पड़ता।