जल बोर्ड पोर्टल पर दस हजार से अधिक शिकायतें आईं
भारद्वाज ने बताया कि सरकार को बढ़े हुए पानी के बिलों की काफी सारी शिकायतें मिल रही हैं। इससे कई उपभोक्ताओं ने पानी के बिल का भुगतान करना ही बंद कर दिया है। कई लोगों को मुफ्त जल योजना को स्वतः लागू होने और पिछली योजना के तहत बकाया राशि की 100 फीसदी छूट के बारे में गलतफहमी थी। पानी मीटर रीडरों के रीडिंग गलत पंच करने की भी कई शिकायतें मिली हैं।
इसके अलावा कोविड के दौरान लॉकडाउन के कारण मीटर रीडिंग भौतिक रूप से नहीं की जा सकी, इसलिए पानी के मीटरों की भौतिक रीडिंग के अभाव में बिल औसत रीडिंग (अर्थात प्रति माह 25 किलोलीटर उपयोग) के आधार पर बनाए जा रहे थे। पिछले बकाया और वर्तमान बिलों में जोड़ा गया विलंबित भुगतान अधिभार (एलपीएससी) अधिक पानी बिलों के मुख्य कारणों में से एक था। इसके परिणामस्वरूप अक्तूबर-नवंबर 2022 के दौरान दिल्ली जल बोर्ड पोर्टल पर दस हजार से अधिक शिकायतें आईं। इन सबके परिणामस्वरूप पानी के बिल गलत हो गए हैं और कई उपभोक्ताओं ने अपने पानी के बिल का भुगतान करना बंद कर दिया है।
चालू मीटर लगाना जरूरी हो जाएगा
जल मंत्री आतिशी ने बताया कि योजना उन सभी उपभोक्ताओं को जल बोर्ड के अंदर लाने में मददगार साबित होगी जिनके पानी के मीटर खराब हैं। वर्तमान में कई उपभोक्ता अपने खराब मीटर को ठीक कराने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। योजना का लाभ उठाने के लिए उपभोक्ताओं को चालू मीटर लगाना जरूरी हो जाएगा। जिनके मीटर खराब हैं उन्हें मीटर बदलवाने होंगे। यह योजना दिल्ली जल बोर्ड ने मंजूर कर दी है।