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प्यार के कारण जिगरी दोस्त बन गए एक-दूसरे के जानी दुश्मन               

Fri, 15 Sep 2017 09:58 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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दिल्ली के गैंगस्टर सत्यवान सेहरावत उर्फ सोनू दरियापुर और भूपेन्द्र उर्फ मोनू दरियापुर एक समय में जिगरी दोस्त हुआ था। दोनों एक ही गांव के रहने वालेत थे। अपराध की दुनिया में दोनों ने एक साथ ही कदम रखा था और अपराधिक वारदातें साथ करते थे।
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बाहरी दिल्ली में दोनों की दहशत थी। बहन से प्यार के चलते दोनों एक-दूसरे के कट्टर दुश्मन हो गए और एक-दूसरे को मौत के घाट उतारने के लिए मौका ढूंढने लगे। आखिरकार 30 अप्रैल को सोनू दरियापुर ने मियांवली में ताबड़तोड़ फायरिंग कर मोनू दरियापुर की हत्या कर दी थी। तिहरे हत्याकांड को अंजाम देने के बाद सोनू दरियापुर ज्यादातर हिमाचल प्रदेश केमांडी व पालमपुर में छिपकर रहा।        

स्पेशल सेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मोनू दरियापुर को सोनू दरियापुर की भुआ की लड़की से प्यार हो गया था। दोनों ने भागकर शादी कर ली थी। इससे इन दोनों में दुश्मनी पैदा हो गई। सोनू दरियापुर ने पंजाबी बाग इलाके में वर्ष 2006 में मोनू दरियापुर पर फायरिंग की थी। मोनू दरियापुर व उसकी पत्नी तो बाल-बाल बच गए मगर मोनू का साथी ब्रहम की गोली लगने से मौत हो गई थी।

सोनू दरियापुर केखिलाफ पंजाबी बाग थाने में मामला दर्ज किया था। इसके बाद सोनू दरियापुर मोनू दरियापुर को मारने के लिए मौका ढूंढने लगा। मोनू दरियापुर ने दिल्ली पुलिस से सुरक्षा देने की गुहार लगाई। दिल्ली पुलिस ने मोनू दरियापुर व उसके परिवार को सुरक्षा मुहैया करवा दी थी। बाद में सोनू दरियापुर ने वर्ष 2009 में  नजफगढ़ इलाकेमें मोनू दरियापुर केभाई सुधीर कुमार की हत्या कर दी थी।  
 
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बवाना निवासी सोनू दरि यापुर ने ग्रेजुएशन किया हुआ है। इसका भाई अनिल पहलवान अभी जेल में है। सोनू दरियापुर ने वर्ष 2009 में भिवाड़ी, हरियाणा में चांद की हत्या कर दी थी। वर्ष 2010 में इसने सोनीपत केसंजय सरपंच व नेरला में जसवीर की हत्या की थी। इसने साथी नवीन खाती, संदीप उर्फ पाडू व सोनू उर्फ केजरीवाल, सुमित व सतीश केसाथ मिलकर तीन हत्याएं कीं और की थीं। सोनू दरियापुर अपने साथियों केसाथ बाहरी, दक्षिण-पश्चिमी और हरियाणा केदिल्ली से सट्े इलाकों के केवल ऑपरेटर, व्यवसायी व प्रॉपर्टी डीलरों से रंगदारी वसूलते थे।        
    
रोहतक के राजेश गिरोह को शामिल किया-       
रोहतक केबदमाश राजेश उर्फराजे का गिरोह सोनू दरियापुर गिरोह में शामिल हो गया था। राजेश ने अपने ही गांव केरमेश लोहार की हत्या के लिए सोनू दरियापुर से सहायता मांगी थी। बदले में राजेश ने सोनू दरियापुर को मोनू दरियापुर की हत्या करने के लिए साथ देने की बात कही थी। इन दोनों गिरोह के एक होने केबाद सोनू दरियापुर केताकत बढ़ गई। इसकेबाद 30 अप्रैल को मियांवली में तिहरे हत्याकांड को अंजाम दिया था।        

- एक-दूसरे की जान लेने के लिए मौका ढूंढते रहे        
- ज्यादातर हिमाचल प्रदेश में छिपा रहा सोनू दरियापुर       ​
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