दिल्ली विश्वविद्यालय के एक अगस्त से शुरू होने वाले शैक्षणिक सत्र 2025-26 में करीब 60 फीसदी छात्र चौथे वर्ष में प्रवेश करेंगे। इसके लिए कॉलेजों ने कक्षाओं की समय सीमा में एक घंटा बढ़ोतरी करने की तैयारी की है। कई कॉलेजों में आधा घंटा तो कुछ जगह कक्षाओं का समय एक घंटे तक बढ़ जाएगा। इसके साथ ही कई कॉलेजों में सप्ताहांत भी कक्षाएं लगेंगी। वहीं कई जगह कमरों की कमी के कारण कॉलेज कक्षाएं पोर्टा केबिन में लगाएंगे। यह केबिन एसी की सुविधा से लैस होंगे।
डीयू में तीन साल पहले लागू हुए चार वर्षीय स्नातक डिग्री प्रोग्राम के तहत कई छात्र इस साल चौथे वर्ष में प्रवेश करेंगे। ऐसी संभावना है कि करीब 60 फीसदी छात्र चौथे वर्ष में पहुंचेंगे। इसके लिए कई कॉलेजों के पास इन छात्रों को पढ़ाने के लिए कमरों की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। इस कारण से कई कॉलेज कक्षाओं की समय सीमा को बढ़ाने जा रहे हैं। अब तक डीयू में तीन वर्षीय स्नातक प्रोग्राम की पढ़ाई होती थी।
इस तरह से केवल छह सेमेस्टर में पढ़ाई पूरी हो जाती थी, लेकिन इस साल से चौथे वर्ष में प्रवेश पाने के कारण सातवें व आठवें सेमेस्टर की पढ़ाई भी होगी। इसके लिए कमरों, शिक्षकों की पर्याप्त व्यवस्था कॉलेजों ने करनी शुरू कर दी है।
रामानुजन कॉलेज के प्राचार्य प्रो. रसाल सिंह ने बताया कि हम कॉलेज का समय बढ़ाकर और सप्ताहांत में कक्षाएं लगाकर समय सारिणी को पुनर्नियोजित कर रहे हैं। इस तरह से पांच दिन की जगह छह दिन की कक्षाएं लगेंगी। कक्षाओं का समय सुबह 8:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक होगा। ट्यूटोरियल्स की जगह कक्षाओं को प्राथमिकता दे रहे हैं। अतिरिक्त वर्कलोड के लिए अतिथि शिक्षक नियुक्त कर रहे हैं। वहीं कक्षाओं के लिए कमरों की कमी नहीं होने पाए, इसके लिए इमारत के निर्माणाधीन खंड को हैंडओवर करने के लिए संबंधित एजेंसी पर दबाव बना रहे हैं। भविष्य की आवश्यकताओं के मद्देनजर बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए लगभग 6 माह पहले हायर एजुकेशन फाइनेंस एजेंसी (हीफा) लोन के लिए भी आवेदन कर दिया है।
किरोड़ीमल कॉलेज के प्राचार्य प्रो. दिनेश खट्टर ने बताया कि हमने कक्षाओं के समय में एक घंटा बढ़ा दिया है। अब तक सुबह 8:40 से शाम पांच बजे तक कक्षाएं चलती थीं, अब सुबह 8:40 से शाम 5:40 तक कक्षाएं चलेंगी। छात्रों को 25 मिनट का एक ब्रेक मिलता था, अब बंद कर दिया है। कक्षाओं के लिए कमरों की कमी न हो, इसके लिए सीपीडब्ल्यूडी से सात कमरे बनवा रहे हैं। शिक्षकों के वर्कलोड को लेकर भी काम किया जा रहा है जो कि सत्र शुरू होने से पहले पूरा कर लिया जाएगा।
अतिरिक्त कमरे भी बनवाए गए
आर्यभट्ट कॉलेज के प्राचार्य प्रो. मनोज सिन्हा ने बताया कि हमने चौथे वर्ष में प्रवेश के लिए कक्षाओं के समय को बढ़ाया है। अब तक कक्षाओं की शुरुआत सुबह 8:30 बजे से 5:30 बजे तक होती थी। अब यह समय सुबह 8 बजे से शाम छह बजे तक हो जाएगा। यदि जरूरत पड़ी तो कक्षाएं सुबह 7:30 बजे से भी लगाई जा सकती हैं। वहीं पांच दिन की जगह कक्षाएं छह दिन लगेंगी। कमरों की कमी को पूरा करने के लिए अतिरिक्त कमरे भी बनवाए गए हैं।
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