भारत मंडपम में व्यापक बदलाव की तैयारियां हैं। प्रगति मैदान का सबसे खास हॉल नंबर 7 अब केवल स्मृतियों में शेष रहेगा। इस हॉल को आईटीपीओ के पुराने प्रशासनिक भवन और सुरक्षा खंड के साथ तोड़ने का निर्णय लिया गया है।
भारतीय व्यापार संवर्धन संगठन (आईटीपीओ) ने इसके लिए 1.11 करोड़ रुपये की निविदा जारी की है। तोड़ने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद नए सिरे से हॉल नंबर 7 के निर्माण की परियोजना शुरू होगी। इसके बाद भारत मंडपम नए अंदाज में नजर आएगा। तोड़फोड़ की प्रक्रिया 22 जुलाई से शुरू होगी और 60 दिनों में पूरी होगी, जिसके बाद इस क्षेत्र का फिर से कायाकल्प किया जाएगा। हॉल नंबर 7 (ब्लॉक ए, बी, सी, डी, ई, एफ, जी और एच), सीएमडी बिल्डिंग, सिक्योरिटी बिल्डिंग और आसपास के लैंडस्केप क्षेत्रों को तोड़ने के लिए ई-निविदा आमंत्रित की गई है। इस परियोजना की कुल अनुमानित लागत 1,10,95,952 रुपये है। ठेकेदार को काम शुरू होने के 90 दिनों के भीतर मलबा हटाकर समतल साइट आईटीपीओ को सौंपनी होगी। धूल नियंत्रण के लिए दिनभर पानी का छिड़काव और 10 मीटर ऊंची एमएस बैरिकेडिंग लगाई जाएगी।
प्रदूषण, पर्यावरण नियमों पर रहेगी सख्ती
आईटीपीओ ने साफ किया है कि भारत मंडपम में हमेशा कोई न कोई आयोजन चल रहे होते हैं। यहां आगंतुकों को धूल प्रदूषण से परेशानी न हो, इसके लिए काम के दौरान पर्यावरण नियमों को सख्ती से लागू किया जाएगा। मलबे को साइट पर सुरक्षित रखना, सही तरीके से निपटान करना और अन्य कचरे से अलग रखना ठेकेदार की जिम्मेदारी होगी। डीजल जनरेटर के लिए कम सल्फर डीजल और शोर नियंत्रण के उपाय अनिवार्य रूप से किए जाएंगे।
सबसे खास हॉल नंबर 7 में ही बनता था थीम पवेलियन
प्रगति मैदान के हॉल नंबर 7 में पहले बड़े-बड़े आयोजनों के दौरान मेले का थीम पवेलियन बनता था। विश्व पुस्तक मेला, अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेला, नक्षत्र मेला और सरस मेले का मुख्य आकर्षण केंद्र इसी हॉल में होता था लेकिन प्रगति मैदान अब भारत मंडपम के स्वरूप में भव्य रूप ले रहा है। नए हॉल 1-6, 14, नया प्रशासनिक खंड, भारत मंडपम के मल्टी ऑडिटोरियम और मल्टी लेवल पार्किंग को अंतरराष्ट्रीय सुविधाओं के साथ तैयार किया गया है। इससे क्षेत्र की सुंदरता और उपयोगिता बढ़ेगी, जिससे भविष्य में बड़े आयोजनों के लिए बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। अब प्रगति मैदान के पुराने हॉल में केवल हॉल नंबर 8, 9, 10 और 11 ही बचे हैं।