सीजेपी ने की कड़ी निंदा
मंगलवार को जारी एक बयान में सीजेपी ने कहा कि हम अपने प्रवक्ता विजेता दहिया के इस बेहद संवेदनहीन कृत्य की कड़ी निंदा करते हैं। जब हमारे शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारी और पार्टी टीम पुलिस की बर्बरता का सामना कर रहे थे, तब उनका यह वीडियो सामने आया। इस तरह का आचरण पूरी तरह से अनुचित और आंदोलन के सिद्धांतों के खिलाफ है।
क्या है पूरा मामला?
सोमवार को प्रतियोगिता परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर सीजेपी ने 'चलो संसद' मार्च निकाला था। इस दौरान जंतर-मंतर के पास पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोलों का इस्तेमाल किया। इसी दौरान सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें विजेता दहिया जंतर-मंतर के पास एक फास्ट-फूड आउटलेट में बर्गर खाते दिख रहे थे। वीडियो में एक व्यक्ति उनसे यह सवाल भी करता नजर आया कि वह प्रदर्शनकारियों के साथ होने के बजाय रेस्टोरेंट में क्यों हैं?
विजेता दहिया की सफाई
विवाद बढ़ने के बाद विजेता दहिया ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि मैंने बर्गर क्यों खाया? क्योंकि मुझे बहुत भूख लगी थी। लोग यह नहीं देख रहे हैं कि मैं भी प्रदर्शनकारियों की तरह दो रातों से सोया नहीं हूं। आप मुझसे इस तरह जवाबदेही तय कर रहे हैं जैसे प्रदर्शनकारी होना ही मेरा काम है। हालांकि, पार्टी ने उनके इस स्पष्टीकरण को खारिज करते हुए उन पर कार्रवाई कर दी।