- जदयू कार्यालय का गेट पार कर पहुंचे करीब 20 कार्यकर्ता, सौरव दास, आशुतोष रांका और अजिंक्य शिंदे को पुलिस ने हिरासत में लिया
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाने के अगले ही दिन मंगलवार को कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के करीब 20 कार्यकर्ता तिरंगा लेकर वहां पहुंच गए। कार्यकर्ताओं ने जदयू कार्यालय का गेट पार किया और भारी बैरिकेडिंग के बीच प्रदर्शन स्थल पर तिरंगा फहराया। उसके बाद दिल्ली पुलिस ने पार्टी के सह-संयोजक आशुतोष रांका, सौरव दास और राष्ट्रीय संगठन प्रभारी अजिंक्य शिंदे समेत सभी कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। सीजेपी ने जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाने के फैसले को शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार पर चोट बताया है।
एक दिन पहले पुलिस से मांगा था समय
सीजेपी के प्रतिनिधि सोमवार को संसद मार्ग थाने पहुंचे थे। उन्होंने पुलिस को पत्र देकर जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए तारीख और समय तय करने की मांग की थी। पार्टी के मुताबिक, उसने 24 घंटे के भीतर जवाब मांगा था। इसी दिन जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाने का फैसला सामने आया। इसके विरोध में मंगलवार सुबह कार्यकर्ता तिरंगा लेकर वहां पहुंच गए।
जंतर-मंतर से ही होगा सीईसी का इस्तीफा
सीजेपी के सह-संयोजक आशुतोष रांका ने कहा कि पार्टी मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग से पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने कहा कि इस्तीफा जंतर-मंतर से ही होगा। वहीं, सौरव दास ने जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाने पर सवाल उठाते हुए कहा कि गृह मंत्रालय उनसे यह जगह कैसे छीन सकता है।
लोगों की आवाज नहीं दबा सकते : दीपके
सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके ने जंतर-मंतर पर कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिए जाने के बाद कहा कि प्रशासन विरोध को जगह की सूची से बाहर कर सकता है, लेकिन लोगों की आवाज नहीं दबा सकता। उन्होंने मंगलवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी टैग किया।