सिविल अस्पताल में कैंसर सर्जन के रूप में तैनात महिला रोग विशेषज्ञ डॉक्टर एसपी भनोट ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इस्तीफे की वजह अधिक वर्कलोड बताया जा रहा है।
डॉ. भनोट ने प्रधान चिकित्सा अधिकारी (पीएमओ) डॉ. कांता गोयल को इस्तीफा भेजा है। अब इसे स्वास्थ्य मुख्यालय को भेज दिया गया है। इस्तीफे की पुष्टि पीएमओ ने की है।
सिविल अस्पताल में कैंसर के मरीजों को बेहतर सुविधा देने के लिए अलग से कैंसर रोग विभाग की शुरुआत की गई थी। बीते दो वर्षों में 500 से अधिक मरीजों का सफल ऑपरेशन कर उन्हें कैंसर मुक्त किया गया, लेकिन यह विभाग अकेले एक डॉक्टर के सहारे चल रहा था।
डॉ. भनोट कैंसर सर्जन के नाते ऑपरेशन और इलाज करते थे। मरीजों के सफल ऑपरेशन की वजह से दूर-दूर से मरीज आ रहे थे। कई मरीज दिल्ली के सफदरजंग से सिविल अस्पताल में आए थे।
कैंसर विशेषज्ञ के रूप में तैनात डॉ. एसपी भनोट का इस्तीफा देने के बाद अब सिविल अस्पताल के कैंसर विभाग के बंद होने का खतरा मंडराने लगा है। 15 जनवरी से इनका तीन महीने का नोटिस पीरियड शुरू होगा। तीन महीने के बाद उन्हें सेवामुक्त किया जाएगा।
बता दें कि इससे पहले भी एक बार इन्होंने अपना इस्तीफा दिया था, लेकिन बाद में वापस ले लिया था। स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों का दावा है कि अस्पताल के कैंसर विभाग को बंद नहीं होने दिया जाएगा। यहां पर कैंसर सर्जन के लिए मुख्यायल पर आला अधिकारियों से बातचीत की जा रही है।
और डॉक्टर दे सकते हैं इस्तीफा
अधिकारिक सूत्रों के मुताबिक सिविल अस्पताल के डॉक्टरों के पास वर्कलोड बहुत अधिक है। मुख्यमंत्री मुफ्त योजना और अन्य सरकारी स्कीम की वजह से सिविल अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। साथ ही कोर्ट केस और अन्य कागजी कार्रवाई में दिनभर लगे होते हैं। इससे अन्य डॉक्टर भी परेशान है। आने वाले समय में दो और डॉक्टर इस्तीफा देने की तैयारी कर रहे हैं। इस साल की अंत तक दो और डॉक्टर इस्तीफा दे सकते हैं। बता दें कि पहले भी दो डॉक्टर नेत्र विशेषज्ञ डॉ. विवेक और मेडीसिन विशेषज्ञ डॉ. अश्विनी इस्तीफा दे चुके हैं।
डॉ. रमेश धनखड़, सिविल सर्जन: इस्तीफा को मुख्यालय भेज दिया गया है। इसके बदले एक वरिष्ठ कैंसर सर्जन डॉक्टर की मांग की गई है। अस्पताल के इस विभाग को लाभ मरीजों को मिले, इसके लिए सभी कोशिश की जाएगी। फिलहाल तीन महीने की नोटिस पर डॉक्टर हैं।