जाट आंदोलन के दौरान हुए दंगों की जांच के लिए सरकार द्वारा गठित की गई प्रकाश सिंह कमेटी की जांच की कोई वैधता नहीं है। इस कमेटी की रिपोर्ट पर कोई कार्रवाई नहीं हो सकती। दंगों की जांच किसी सिटिंग जज से कराई जाए और यह रिपोर्ट भी सरकार की बजाए किसी सिटिंग जज को ही सौंपी जाए।
ताकि स्थिति साफ हो सके और दोषियों पर कार्रवाई हो सके। यह बात शुक्रवार को कांग्रेस सरकार के पूर्व मंत्री एवं हरियाणा बचाओ संघर्ष समिति के मुख्य संरक्षक कैप्टन अजय यादव ने महरोली रोड स्थित एक होटल में प्रेसवार्ता के दौरान कही।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ये बताए कि जाटों को आरक्षण किस आधार पर दिया गया। यदि केसी गुप्ता की रिपोर्ट को इसका आधार बनाया गया है तो यह पहले ही उसे रद कर दिया गया था। आरक्षण देने का काम नियमानुसार नहीं किया गया है। उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जाट आरक्षण के दौरान हुई आगजनी में सरकार का हाथ था
यह सब जाट और नॉन जाट के बीच खाई पैदा करने की योजना थी। अजय यादव ने कहा कि जनसंख्या सर्वेक्षण में पूरा डाटा है कि किस जाति की क्या स्थिति है कितने स्त्रसाधन संपन्न और कितने गरीब है, लेकिन उस डाटा को किसी दबाव में जारी नहीं किया जा रहा है। इससे सब साफ हो जाएगा कि समाज में किस वर्ग की क्या स्थिति है।
कैप्टन ने कहा कि जाट आंदोलन के सूत्रधार यशपाल मलिक और कमांडेंट हवा सिंह सांगवान थे, इनकी वजह से ही आंदोलन में आगजनी हुई, लोग मारे गए। इसके लिए ये ही जिम्मेदार हैं। इनकी गिरफ्तारी अब तक क्यों नहीं हुई? उन्होंने साफ कहा कि क्लास एक व दो के अधिकारियों की देखरेख में प्रदेश में आगजनी हुई है।
उन्होंने सरकार से मांग की कि आगजनी करने वालों के नाम उजागर किए जाएं, चाहे वह किसी भी जाति का क्यों न हो। जो दोषी है, उसे सलाखों के पीछे भेजो। उन्होंने कहा कि सेना में जाति के आधार पर भर्ती का वह विरोध करते हैं नहीं तो सेना में अहीर रेजीमेंट भी बनाई जाए। अहीर मार्शल कौम है। उन्होंने कहा कि दंगों के दौरान सिरसा, फतेहाबाद, रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, पलवल, अंबाला, करनाल और गुडग़ांव के जाटों ने कहीं कोई आगजनी नहीं की।
जंतर-मंतर पर जाटों ने दी धमकी
कैप्टन अजय यादव ने कहा कि 7 मई को वह जंतर मंतर पर कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मिलकर वापस अपनी कार की ओर लौट रहे थे। पांच जाट युवकों ने उन्हे रोक लिया और कहा कि वह जाटों के खिलाफ क्यों बयानबाजी कर रहे हैं, यह अच्छा नहीं है। कैप्टन ने जवाब दिया कि वह जो सही है वहीं कह रहे हैं, वह किसी का विरोध नहीं कर रहे। आरोप है कि जाटों ने उन्हे धमकी दी कि विरोध करना ठीक नहीं है।