गुड़गांव में कर्मचारी हड़ताल के दौरान पलवल की फैक्ट्रियों में तोड़फोड़ की घटना से उद्यमी सकते में हैं। उद्यमियों ने सरकार से मांग की है कि वह इंडस्ट्री की सुरक्षा के लिए पुख्ता प्रबंध करे।
यहां की इंडस्ट्रियल एसोसिएशन ने उद्योगों की सुरक्षा के लिए सीआईएसएफ मॉडल का सुझाव दिया है।
हरियाणा के औद्योगिक माहौल में काफी समय से उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। कई ऐसी घटनाएं हुई हैं जो उद्योग जगत की सेहत के लिए सकारात्मक नहीं है। मारुति के मानेसर प्लांट में जो कुछ हुआ था, वह औद्योगिक इतिहास का स्याह पक्ष है। ऐसी घटनाएं दुबारा नहीं हों, इसका इंतजाम किया जा रहा है।
मारुति-सुजुकी मानेसर प्लांट की सुरक्षा के लिए बल तैनात हैं। मगर गुड़गांव के उद्यमी पूरे औद्योगिक क्षेत्र में ऐसी ही सुरक्षा की मांग कर रहे हैं।
एनसीआर चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष एचपी यादव ने कहा कि गुड़गांव देश का बड़ा औद्योगिक हब है। यहां पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। उन्होंने प्रदेश सरकार से सीआईएसएफ की तर्ज पर सुरक्षा बल गठित करने की मांग की है।
आईएमटी मानेसर इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के महासचिव मनोज त्यागी ने कहा कि आईएमटी मानेसर में भी सुरक्षा बड़ा मसला है। एसोसिएशन के महासचिव किशन कपूर ने कहा कि गुड़गांव में उद्योगों की पर्याप्त सुरक्षा नहीं है।