फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

डिजिटल तकनीकी से कॉपियां चेक करेगा सीआइएससीई

Thu, 03 Dec 2015 05:46 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
विज्ञापन
काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन (सीआईएससीई) कॉपियां चेक करने के लिए एलआईसीआर (लाइव इंक कैरेक्टर रिकग्नेशन) तकनीक अपनाने जा रही है। यह तकनीक अगले वर्ष 10वीं और 12वीं परीक्षा की कॉपियां चेक करने में इस्तेमाल होंगी।
विज्ञापन


इसकी जानकारी संगठन के सचिव गैरी अराथून ने बुधवार को दिल्ली में सीआईएससीई की वार्षिक जनरल बॉडी मीटिंग में दी। गैरी अराथून के मुताबिक नई तकनीक के माध्यम से कॉपियों की जांच जल्द होने के साथ इसमें गलतियां भी नहीं होगी। इस तकनीक के चलते अब परीक्षार्थियों की उत्तर पुस्तिकाओं का पहला पृष्ठ यूनीक होगा, जिसके आधार पर यह तकनीक काम करेगी।

इस मौके पर दिल्ली में संगठन की वार्षिक रिपोर्ट जारी करते हुए अराथून ने बताया कि डिजिटल तकनीक से कापियां चेक करने के साथ प्रायोगिक परीक्षाओं में अंक प्रदान करने का नियम भी बदला जा रहा है। अब थ्योरी व प्रैक्टिकल के लिए पुरानी व्यवस्था बदलकर 70 और 30 अंक कर दी गई है। इसी तरह सीआईएससीई वर्ष 2018 से 12वीं कक्षा में विद्यार्थियों के लिए सीबीएसई की तर्ज पर भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान और गणित के प्रश्नपत्रों के मॉडल तैयार करेगा।
विज्ञापन


इस मौके पर नो डिटेंशन पॉलिसी पर भी चर्चा हुई। दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय में उपनिदेशक रेनू शर्मा ने नो डिटेंशन पॉलिसी पर बताया कि उनके यहां पिछले पांच सालों से कक्षा 9वीं और 11वीं के छात्रों के नतीजे लगातार खराब आ रहे हैं। जिसके लिए यह पॉलिसी जिम्मेदार है। मानव संसाधन मंत्रालय की ओर से इस बैठक में शामिल डॉ. सतबीर साइलस बेदी और सीबीएसई की ओर से वाईएसके सेशु कुमार ने बैठक में मौजूद सदस्यों को बताया कि इस पॉलिसी को लेकर सरकार गंभीर है। इसे लेकर विभिन्न पक्षों से बातचीत की जा रही है।
विज्ञापन

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें