जिलाधिकारी के आदेश पर उपजिलाधिकारी दादरी ने चिटहेरा गांव के लेखपाल शीतला प्रसाद को निलंबित कर दिया है। चिटहेरा भूमि घोटाले में लेखपाल की बड़ी लापरवाही मिली है। लेखपाल को एसडीएम कार्यालय से अटैच किया गया है।
चिटहेरा गांव में पट्टों की जमीन के क्रय-विक्रय में नियमों को ताक पर रखा गया था। अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) वंदिता श्रीवास्तव की जांच में इसका खुलासा हुआ है। जांच के आधार पर चिटहेरा गांव के लेखपाल शीतला प्रसाद ने भूमाफिया यशपाल तोमर समेत कुल नौ लोगों के खिलाफ शनिवार को दादरी कोतवाली में मामला दर्ज कराया, लेकिन अब दादरी एसडीएम ने वादी व लेखपाल शीतला प्रसाद को निलंबित कर दिया है।
दादरी एसडीएम आलोक गुप्ता ने बताया कि लेखपाल को एसडीएम कार्यालय से अटैच किया गया है। साथ ही, विभागीय जांच शुरू कर दी है। चिटहेरा भूमि घोटाले की जांच लेखपाल के पास थी, लेकिन इसकी जानकारी नहीं दी। जांच में लेखपाल की लापरवाही सामने आई है। शीतला करीब नौ साल से चिटहेरा गांव में लेखपाल थे। यशपाल समेत नौ पर एफआईआर दर्ज कराने में अब लेखपाल की जगह किसी अन्य को वादी बनाया जाएगा। जिला प्रशासन की तरफ से जल्द इस संबंध में एक और शिकायत दी जाएगी। बताया जा रहा है कि कानूनगो को वादी बनाया जाएगा।
किसी भी दलाल के चक्कर में ना आएं
एडीएम वंदिता श्रीवास्तव का कहना है कि अगर घोटाले के संबंधित किसी भी तरह की जानकारी देनी है या शिकायत करनी है तो वे सीधा अधिकारियों से मिलें। किसी भी दलाल के चक्कर में नहीं आएं। अगर कोई दलाल मिलता है तो उसकी जानकारी तत्काल दें। उन पर भी कार्रवाई की जाएगी।