अदालत ने स्पष्ट किया कि कस्टडी पैरोल के दौरान उसे केवल बीमार और वृद्ध माता-पिता से उनके आवास पर मिलने की अनुमति दी गई है, न कि अन्य व्यक्तियों से मिलने के लिए।
अदालत ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए दिल्ली दंगो के मामले में आरोपी शाहरूख पठान को चार घंटे की पैरोल दी ताकि वह अपने अस्वस्थ पिता से मिल सके। आरोपी पठान ने उत्तर पूर्वी दिल्ली दंगों के दौरान एक पुलिसकर्मी पर बंदूक तान दी थी। इसके अलावा दंगो में पुलिस कर्मियों को चोटें आईं।
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कडकड़ढूमा अदालत स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमिताभ रावत ने पठान के आवेदन को स्वीकार करते हुए कहा कि उसके पिता की स्वास्थ्य स्थिति अनिश्चित है और वह उनसे कुछ घंटों के लिए मिलना चाहते हैं। उन्होंने कहा इन परिस्थितियों में अदालत मानवीय दृष्टिकोण अपनाने के लिए इच्छुक है।
अदालत ने पुलिस को निर्देश दिया कि आरोपी शाहरुख पठान को 23 मई को चार घंटे के लिए हिरासत में उसके पिता से मिलवाने के लिए ले जाया जाए। आरोपी को उसके माता-पिता से उनके निवास पर ले जाकर मिलवाया जाए।