जाने-अनजाने अपराध करके या फंसने पर बाल सुधार गृह पहुंचे बच्चों को अब एक नई दिशा देने की कोशिश की जा रही है। उन्हें तकनीकी शिक्षा देकर सामान्य ज्ञान बढ़ाने के साथ रोजगारपरक कोर्स भी कराए जा रहे हैं। बाल सुधार गृह में बंद बच्चों के लिए एक कंप्यूटर लैब भी स्थापित की गई है।
बाल सुधार गृह के अधीक्षक दिनेश यादव ने बताया कि बच्चों को किताबी ज्ञान दिया जाता है। विभिन्न आयु वर्ग के बच्चों के लिए अलग-अलग कक्षा संचालित होती है। इससे इतर बच्चों में कंप्यूटर का ज्ञान बढ़ाने के लिए कंप्यूटर लैब स्थापित की गई है। इसमें पांच कंप्यूटर लगाए गए हैं।
पढ़ाई के समय बच्चों को कंप्यूटर के कोर्स कराए जा रहे हैं। इस कोर्स में कंप्यूटर की बेसिक जानकारी, एमएस वर्ड, एक्सल, पावर प्वाइंट समेत वेबसाइट की जानकारी दी जा रही है। उन्होंने बताया कि मौजूदा समय में कंप्यूटर ज्ञान बेहद जरूरी है।
कंप्यूटर किसी भी रोजगार की पहली जरूरत बन चुकी है। ऐसे में यहां बंद बच्चों के लिए कंप्यूटर कोर्स में भविष्य में काफी काम आएगा। उन्होंने बताया कि महिला एवं बाल विकास विभाग के सहयोग से यहां वोकेशनल कंप्यूटर कोर्स शुरू कराया गया है। इस कोर्स के प्रति बच्चों में भी काफी रुचि देखने को मिल रही है।
बच्चों को पसंद आया कोर्स
पहले बैच में इस कोर्स को लेकर बच्चों में काफी उत्सुकता दिखा। चार माह के इस कोर्स के प्रति बच्चों के लगाव को देखते हुए इसे अब नियमित कर दिया गया है। यहां के बच्चे पूरे साल लैब में कंप्यूटर की शिक्षा ले सकते हैं। जो कोर्स पूरा कर चुके हैं, उनसे अन्य बच्चों को कंप्यूटर ज्ञान देने में मदद ली जाएगी।
बाल सुधार गृह में हैं करीब 74 बच्चे
गुरुग्राम, फरीदाबाद, पलवल समेत अन्य जनपदों के करीब 74 बच्चे विभिन्न आपराधिक मामलों में बाल सुधार गृह फरीदाबाद में बंद हैं। इन बच्चों के लिए नियमित रूप से पीटी, पठन-पाठन व खेलकूद की प्रतियोगिताएं भी आयोजित कराई जाती हैं।